सोना समझ मंदिर से चुरा ले गए 22 मूर्तियां, असलियत पता चली तो कब्रिस्तान में फेंक गए, जानिए कारण

शहर के शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर से चोरी हुईं अष्टधातु की 22 मूर्तियां पुलिस ने सोमवार को बरामद कर ली हैं। लगातार हो रही सर्चिंग और पुलिस के डर के चलते अज्ञात चोरों ने मूर्तियां कब्रिस्तान में फेंक दी थी। जहां से यह मूर्तियां पुलिस ने बरामद कर ली हैं।यहां बता दें कि मूर्ति चोरी होने के तुंरत बाद ही भिण्ड एसपी ने चोरों पर दस हजार के इनाम का ऐलान किया था। 

यह है पूरा मामला
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रविवार को फूफ कस्बे में शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर से अष्टधातु की 22 प्रतिमा चोरी हो गईं थीं। चोरी हुईं प्रतिमाएं 100 साल से ज्यादा पुरानी थीं। जिस जैन मंदिर से ये मूर्तियां चोरी हुईं थी, वो फूफ थाने से महज 150 मीटर की दूरी पर ही हैं। प्रतिमा चोरी होने के विरोध में जैन समाज के साथ अन्य समाज के लोगों ने दुकानें बंद कर विरोध जताया था। इसके बाद पुलिस अधीक्षक रूडोल्फ अल्वारेस ने चोरी का सुराग लगाने के लिए दो दिन का समय मांगा था। इससे बाजार में कुछ दुकानें खुल गईं थी। साथ ही चोरी का सुराग लगाने के लिए एसपी ने एसआईटी गठित भ्ीा की थी।

अभी भी जांच में जुटी पुलिस 
फूप नगर में रविवार को शहर के जैन तीर्थंकर भगवानों की 24 प्राचीन अष्टधातु की प्रतिमाए चोरी हो गई थी।जिसे पुलिस ने सोमवार की सुबह फूप नगर के मुक्तिधाम परिसर से लावारिस हालत में बरामद भी कर ली हैं।पुलिस के भय से अज्ञात चोर सभी मूर्तियों को संभवत हैं।रविवार सोमवार की दरमियानी रात को मरघट में लावारिस डाल कर चले गए।पुलिस अभी तफ्तीश में जुटी हुई है। बरामदगी सुबह करीब सात बजे हुई।

33 मूर्तियां रखी थी तिजोरी में
शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर से चोरों ने अष्टधातु की 22 मूर्तियां चुराईं, मंदिर में कुल 33 मूर्तियां थीं, जिनमें से 11 मूर्तियां चोर छोड़ गए हैं। इनमें सोने जैसी चमक नहीं थी। जबकि जो मूर्तियां चोरी गई हैं, उनकी चमक सोने जैसी थी। जैन समाज के लोगों का भी कहना है कि चोर अष्टधातु की मूर्तियों को सोने की समझकर चुरा ले गए हैं। मंदिर के अंदर 24 तीर्थंकरों की 100 साल से अधिक पुरानी 33 मूर्तियां तिजोरी में रखीं हुई थी।