कई बार हुई थी दुष्कर्म की शिकार, और फिर अंत में सरकार ने दिया नाबालिगा को इच्छामृत्यु..!

नीदरलैंड के शहर आर्नहम में एक 17 वर्ष की लड़की ने इच्छामृत्यु यानि Euthanasia कानून की सहायता से मृत्यु को गले लगा लिया है। 17 वर्ष की नोवा पोथोवन ने अपने घर पर अपनी आखिरी सांसें ली। नोवा पोथावन के साथ 11 और 14 वर्ष की उम्र में कई बार दुष्कर्म हुआ। जिससे नोवा डिप्रेशन में चली गई थी।
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नोवा पोथावन ने अपनी आत्मकथा 'लिविंग ऑर लर्निंग' में अपने जीवन के संघर्षों को जिक्र किया है। नोवा पोथोवन ने अपनी इच्छामृत्यु को लेकर एक हफ्ते पहले ही इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया था। जिसमें उन्होंने 10 दिनों के अंदर मृत्यु की बात कही थी।  यूथेनेसिया, इच्छा-मृत्यु या मर्सी किलिंग दया मृत्यु पर दुनियाभर में बहस जारी है। इस मुद्दे से क़ानूनी के अलावा मेडिकल और सामाजिक पहलू भी जुड़े हुए हैं।
यह पेचीदा और संवेदनशील मुद्दा माना जाता है। दुनिया भर में इच्छा-मृत्यु की इजाज़त देने की मांग बढ़ी है। मेडिकल साइंस में इच्छा-मृत्यु यानी किसी की सहायता से आत्महत्या और सहज मृत्यु या बिना कष्ट के मरने के व्यापक अर्थ हैं। क्लिनिकल दशाओं के मुताबिक़ इसे इच्छा-मृत्यु अर्थात यूथनेशिया  मूलतः ग्रीक यूनानी शब्द है। जिसका अर्थ Eu=अच्छी, Thanatos= मृत्यु होता है।
क्लिनिकल दशाओं के मुताबिक़ इसे voluntary (स्वैच्छिक) एक्टिव यूथेनेसिया के तौर पर भी परिभाषित किया जाता है। मरीज़ की मंज़ूरी के बाद जान बूझकर ऐसी दवाइयां देना जिससे मरीज़ की मृत्यु हो जाए। यह केवल नीदरलैंड और बेल्जियम में वैध है। मरीज़ मानसिक तौर पर अपनी मृत्यु की मंज़ूरी देने में असमर्थ हो तब उसे मारने के लिए इरादतन दवाइयां देना। यह भी पूरे विश्व में ग़ैरक़ानूनी है। मरीज़ की मृत्यु के लिए इलाज बंद करना या जीवनरक्षक प्रणालियों को हटाना। इसे पूरे विश्व में क़ानूनी माना जाता है। यह तरीक़ा कम विवादास्पद है।