भाई को किया फोन-'ससुराल वाले मार रहे हैं बचा लो मुझे', फिर उसने उठा लिया ये कदम, जानिए पूरा मामला

दहेज में भैंस, गाड़ी व टीके में भाई को सोने की चेन देने के लिए ससुराल वाले मारपीट करते। महिला ने फोन पर भाई को मारपीट करने की सूचना दी। भाई उसे लेने इंदौर आता इसके पहले ही उसने फांसी लगा ली। लसूडिय़ा इलाके में स्कीम 78 निवासी निशा (29) पति कन्हैयालाल साहू ने रविवार दोपहर घर में फांसी लगा ली। घटना के समय वह घर पर अकेली थी। परिवार के लोग लौंटे तो घटना का पता चला। 
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भाई हरदेव साहू ने बताया कि आठ वर्ष पहले निशा की शादी कन्हैया से हुई थी। उसकी दो बेटियां है। विवाह के आठ महीने बाद ही ससुराल वालों ने तंग करना शुरू कर दिया। उसे घर रखने से ये कहते हुए मना किया कि ये हमारे परिवार के काबिल नहीं है। समाज के लोग बैठे तब वापस उसे घर ले जाने को तैयार हुए। इसी के बाद से दहेज की मांग की जाने लगी। उसे भैंस व गाड़ी खरीदने के लिए दबाव बनाते। साथ ही कहते कि जब तुम्हारे घर जाते है तो टीके में सोने की चेन नहीं दी जाती। 
निशा ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं है कि ये सब दे सके। तब निशा के साथ मारपीट की जाती। दो दिन पहले ही उसने भाई को फोन कर कहां था कि मुझे यहां से ले जाओ। ससुराल के लोग मेरे साथ मारपीट करते है। भाई ने उसे इंदौर आने की बात कही थी। हरदेव के मुताबिक़ निशा की आत्महत्या की जानकारी भी ससुराल वालों ने नहीं दी। मायके पक्ष के लोग विदिशा से सोमवार सुबह इंदौर पहुंचे। तब एमवाय अस्पताल में उसका पोस्टमॉर्टम हुआ। लसूडिय़ा पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की है।