एससी आयोग नेता की सुरक्षा में लगे दो सुरक्षाकर्मी हुए गिरफ्तार, इस मामले में हुई कार्रवाई

एससी आयोग के नेता एवं इटावा के सांसद राम शंकर कठेरिया की सुरक्षा में तीन दिन पहले तक उपथिति रहे दो सिपाहियों को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। इनररिंग टोल प्लाजा पर छह जुलाई को हुए बवाल मामले में आरोपी बनाया गया।दोनों सीसीटीवी फुटेज में फायरिंग करते दिखे थे।
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इसी मामले में कठेरिया भी नामजद हैं।दोनों सिपाहियों को कोर्ट से जमानत मिल गई हैं।एफआईआर टोलकर्मी अनुपम ने दर्ज कराई थीं।पुलिस ने मारपीट,बलवा,जान की धमकी देना और लाइसेंसी असलाह का अवैध प्रयोग कर फायरिंग करने की धाराएं लगाई थीं।

सांसद कठेरिया को नामजद कराया गया था जबकि समर्थक अज्ञात थे।जांच में सिपाही विपिन कुमार और पिंकू उपाध्याय को भी आरोपी बनाया गया।विपिन अलीगढ़ पुलिस लाइन और पिंकू आगरा पलिस लाइंस में उपथिति हैं।

दोनों को पहले ही निलंबित कर दिया गया था।एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि दोनों सिपाहियों को कोर्ट में पेश किया।वहां से जमानत मिल गई।इस मामले में कठेरिया ने भी जवाबी तहरीर दी थीं।
पुलिस ने उसे जांच में शामिल कर लिया हैं।सिपाहियों की गिरफ्तारी के बाद माना जा रहा है कि पुलिस जल्द ही कठेरिया समर्थकों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकती हैं।

बता दें कि छह जुलाई को सांसद कठेरिया काफिले के साथ दिल्ली से इटावा जा रहे थे।उनके काफिले में एक बस और पांच कारे थीं।सुबह चार बजे रहनकलां स्थित टोल प्लाजा पर कारें तो निकल गई लेकिन बस को टोलकर्मियों ने रोक लिया था।आरोप है कि इसी पर कठेरिया,उनके समर्थकों ने टोलकर्मियों को पीटा।सुरक्षाकर्मी पिंकू और विपिन ने फायरिंग कर दी।
 
वहीं रवि कुमार,एसपी आगरा पश्चिम ने बताया कि भाजपा सांसद राम शंकर कठेरिया के सुरक्षाकर्मियों ने 6 जुलाई को टोल प्लाजा कर्मचारियों की पिटाई कर दी थीं।मंगलवार को दोनों कांस्टेबल को गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हें जमानत दे दी गई। फुटेज की जांच करते हुए यह पाया गया कि एक कांस्टेबल ने अपने आधिकारिक हथियार से गोली चलाई थीं।