बिहार के प्रतिभावान युवक को नासा से मिला है निमंत्रण, जानिए ऐसा क्या किया

बिहार के एक युवक गोपाल को नासा ने अपने साथ काम करने के लिए आमंत्रित किया हैं।गोपाल नासा में एक प्रोजेक्ट पर काम करेंगे।गोपाल केले के तना से बिजली उत्पादन की खोज करने पर चर्चा में आए थे।अब वह नासा के साथ गोपनियम एलोई प्रोजेक्ट पर काम करेंगे।इस प्रोजेक्ट के लिए खुद गोपाल ने नासा से संपर्क किया था। गोपाल का  कॉन्ट्रेक्ट भारत सरकार के साथ 4 वर्ष तक है, जिसका अभी एक वर्ष पूरा हुआ हैं।

कैसे आया इंडिया
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गोपाल को गोपनियम एलोई का इंडिया साइंस फिक्शन पर बनी एक फिल्म से आया था।दरअसल, गोपनियम एलोई हाफनियम, टेंटुलुनियम, कार्बन और नाइट्रोजन की कैमेस्टरी है। इस प्रोजेक्ट में अगर सफलता मिलती हैं,तो सूर्य का अध्ययन करने में आसानी मिलेगी। 

कौन है गोपाल
18 साल के गोपाल बिहार के भागलपुर के ध्रुवगंज के खरीक बाजार के रहने वाले हैं।गोपाल के पिता किसान करते हैं। गोपाल की दो बहने भी हैं।गोपाल की पढ़ाई इंटर स्कूल तक हुई हैं।गोपाल के पिता साल 2008 की बाढ़ केले की खेती में बहुत नुकसान हुआ था।जिसके बाद गोपाल ने ठान लिया था कि वह केले के तने से जरूर कुछ बनाएगा। जिससे बाढ़ से होने वाले नुकसान को पूरा किया जा सके। केले के तने का रस लग जाने से दाग बन जाता है।

जिसके बाद गोपाल को पता चला कि केले के थंब में एसिड का गुण पाया जाता हैं। गोपाल को किताब के जरिए जानकारी मिली कि, एसिड का एलेक्ट्रोलाइसिस कर चार्ज पैदा किया जा सकता हैं।उसने स्कूल से वोल्ट मीटर और इलेक्ट्रोड और केला के थंब पर यह प्रयोग किया, जिसके बाद जो चार्ज उत्पन्न हुआ, उसे बिजली बन सकती थी। 

विदेशी कंपनियों से मिले ऑफर
गोपाल की खोज पर आधारित प्रोजेक्ट का पेटेंट 2018 में हो चुका हैं।गोपाल ने ''पेपर बायो सेल'' और ''बनाना बायो सेल'' में खोज कर चुके हैं। कई विदेशी कंपनियों ने खरीदने का ऑफर भी दिया। लेकिन गोपाल ने उन्हें विदेशी कंपनियों को सौंपने से मना कर दिया।गोपाल की मानें तो वह अपने सभी अविष्कार देश के लिए उपयोग करना चाहते हैं।

एरा यूनिवर्सिटी की लैब में पदस्थ हैं गोपाल
गोपाल देहरादून की ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी में काम कर रहे हैं। गोपाल के मुताबिक, केले के थंब से बिजली बनाना आसान हैं।केले के थंब पर दो इलेक्ट्रोड लगाने के उन्हें बिजली के तार जोड़कर, बल्ब से कनेक्ट करने पर बल्ब जलने लगता हैं।अभी गोपाल केले के थंब से सेनिटरी नैपिकन, बैंडेज, यूरिया, बेबी पैंपर तैयार करने के प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं।