पापा आप परेशान न होना..सबका ख्याल रखना हम जा रहे हैं...सिर्फ 30 हज़ार रुपये के लिए

"भइया पापा हमसे 30 हजार रुपये गिर गए हैं जो हिसाब के हैं, हम आप लोगों को और कष्ट देना नहीं चाहते, सब लोग अपना ख्याल रखना हम जा रहे हैं, पापा ध्यान रखना.."  किस मानसिक हालात में युवक ने जान देने से पहले इस सुसाइट नोट को लिखा होगा, यही सोच-सोचकर और अपने बेटे का शव सामने देखकर पिता बदहवास थे। घर के हर सदस्य के शब्द नहीं बस आंखों से आंसू बहे जा रहे थे। पिता सतेंद्र बेटे का चेहरा देखकर कह रहे थे, एक बार तो कह देता. पापा 30 हजार रुपये गिर गए हैं तो क्या मैं तुझे देता नहीं..। बेटे के पास से मिले सुसाइड नोट को देख परिजन बार-बार बेहाल हो रहे थे। किसी को कुछ सूझ नहीं रहा था कि यह सब कैसे हो गया।
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गजनेर कस्बा निवासी सतेंद्र पाल सिंह उर्फ पप्पू सिंह का 23 वर्षीय पुत्र प्रशांत एक बीज कंपनी में सेल्समैन था। बीज बिक्री के साथ वह दुकानों से रुपये भी संग्रह करता था। बीज बिक्री के 30 हजार रुपये उसने वसूले थे। इधर ये रुपये कहीं गिर गए। वसूले गए रुपये गिरने से प्रशांत बेहद परेशान हो गया। सोमवार देर शाम घर में कमरे में टंगे पंखे से रस्सी का फंदा बनाकर उसने जान दे दी। किसी काम से कमरे में गए बड़े भाई राहुल ने उसे फंदे से लटकता देखा तो चीख पड़ा। 
शोर मचा तो अन्य परिजन भी पहुंच गए। इसके बाद कोहराम मच गया। सूचना पर पुलिस पहुंची और शव फंदे से उतरवाया। प्रशांत के कपड़ों में पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला। इसमें उसने लिखा है कि मेरे 30 हजार रुपये जो दुकानों से वसूले थे, कहीं गिर गए। पापा आप परेशान मत होना। ग्राम प्रधान पुत्र योगेन्द्र सिंह ने बताया कि परिवार में बड़ा भाई व बहन एकता है। बहन की शादी हो चुकी है। सतेंद्र की पत्नी का कई वर्ष पहले देहांत हो चुका है।