खेल रही थीं 9 सहेलियां, खेलते हुए चली गईं बीच दरिया में और फिर जो हुआ, 8 लड़कियों ने 36 घंटे खाना नहीं खाया

छोटी गंडक नदी में डूबी छात्रा का शव 14 घंटे के बाद मिला। मौके पर मौजूद रामपुर कारखाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। नांव पलट जाने से सोमवार को छात्रा डूब गई थी जबकि उसके साथ गई नौ लड़कियों को बचा लिया गया था सोमवार की शाम थाना क्षेत्र के हरपुर गांव की शालू पुत्री अशोक राव अपनी बड़ी बहन नीलू और 8 अन्य किशोरियों व युवतियों के साथ छोटी गंडक नदी में स्नान करने गई थी। 
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खेल खेल में सभी सहेलियां किनारे पर बंधी एक डोंगी नाव पर चढ़ गई और उसे लेकर नदी के बीच में बढ़ गई। इसी दौरान नांव अनियंत्रित होकर पलट गई। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद नौ को तो बचा लिया लेकिन शालू डूब गई। मंगलवार की सुबह घटनास्थल से लगभग 500 मीटर आगे आबादी टोला के नजदीक से शालू का शव बरामद हुआ। उसके मौत की जानकारी होते ही गांव में कोहराम मच गया।

36 घंटे तक लगातार भूखी रहीं थीं शालू की सहेलियां
छात्रा शालू के साथ नदी में नहाने गई उसकी सहेलियों ने भी घटना के बाद रात में खाना नहीं खाया। परिजनों के लाख मनुहार करने के बाद भी सहेलियों ने पारण भी नहीं किया। सोमवार की तड़के से ही व्रत रखीं किशोरियों और युवतियों को लाख समझाने के बाद भी शालू के आने के बाद ही पारण करने को कह रही थी। मंगलवार को उसका शव नदी से बरामद होने के बाद सभी सहेलियां दहाड़ मार कर रोने लगी। उनको अभी भी यकीन नहीं हो रहा है कि उनकी सहेली शालू अब इस दुनिया में नहीं है। परिजनों और रिश्तेदारों के समझाने पर शाम को सबने पानी पिया।

परिजनों की चीत्कार से रो पड़ा था पूरा हरपुर गांव
छात्रा शालू के पिता अशोक राव दिल्ली में रहकर प्राइवेट काम करते हैं। इन दिनों वह दिल्ली में ही है। सोमवार की शाम हादसे की जानकारी मिलने के बाद देर रात वह घर के लिए निकल पड़े। मंगलवार की सुबह उसका शव बरामद होने के बाद रात से ही जारी परिवारजनों की सिसकी चीत्कार में बदल गई। छात्रा की मां गीता देवी और तीन बहने सपना, प्रतिमा और नीलू का रोना देखकर सांत्वना दे रहे ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गई।