बच्चा नहीं हुआ तो मुझें घर से भगा दिया, उसमें मेरी क्या गलती थी-पत्नी

बहराइच जिले के रामपुर जैतापुर गांव निवासी एक विवाहिता को उसके पति ने 14 साल से बच्चा न होने पर तीन तलाक दे दिया है। महिला अपने मायके में रह रही है। थाने में तहरीर देने पर भी पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। इस पर पीड़िता ने बीते दिन एसपी को प्रार्थना पत्र देकर केस दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। रुपईडीहा थाना क्षेत्र के रामपुर जैतापुर गांव निवासी साजरुन निशा पुत्री जब्बार खान का निकाह 14 वर्ष पहले श्रावस्ती जिले के मल्हीपुर थाना अंतर्गत बघमरी गांव निवासी शमशेर खान उर्फ गुलफाम खान के साथ हुआ था। निकाह के बाद साजरुन एक साल तक अपने मायके और ससुराल आती-जाती रही।
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एक साल बाद पति उसे मुंबई लेकर चला गया और वहीं रहने लगा। इस बीच साजरुन को कम दहेज लाने के लिए प्रताड़ित किया जाता रहा। महिला का कहना है कि उसका पति शमशेर खान, ससुर जुम्मन खां, सास साकरुन और देवर निसार खान बच्चा न होने का ताना देकर आए दिन उसे प्रताड़ित करते थे। कई बार उसे मुंबई से श्रावस्ती लाकर मारापीटा और मायके भेज दिया गया, लेकिन हर बार समझा कर उसे ससुराल वापस भेज देते थे। करीब छह माह पूर्व उसे पति मुंबई से श्रावस्ती लेकर आया और अपने घर पर छोड़कर मुंबई चला गया। 
करीब तीन माह पूर्व साजरुन का भाई जमालुद्दीन अपने बहनोई से मिलने गया तो उसने घर आकर कहा कि तुम्हारी बहन को बच्चा नहीं हो रहा था। इस पर लगातार तीन बार तलाक कहते हुए उसे छोड़ दिया। इसके बाद से महिला अपने मायके में रह रही है। पीड़िता का कहना है कि रुपईडीहा थाने में प्रार्थना पत्र देने पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उसने बीते दिन एसपी डॉ. गौरव ग्रोरव को प्रार्थना पत्र देकर केस दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।