मोबाइल में फोटो देख मां ने कहा-ये मेरे बेटे का पैर है, काले धागे ने उठाया पर्दा, गेंहू के दाने से आरोपी तक पहुंची पुलिस

भोपाल के कोलार थाना क्षेत्र के बैरागढ़ चिचली गांव से रहस्यमयी ढंग से गायब हुए साढ़े तीन साल के मासूम वरुण की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। इस घटना को पड़ोस की एक महिला ने अकेले ही अंजाम दिया। हालांकि उसके 16 वर्षीय नाबालिग बेटे को हत्या का पता चल गया था, लेकिन वह चुप रहा। अपराध को छुपाने के लिए महिला तरह-तरह के प्रयास करती रही लेकिन अंतिम में पुलिस की पकड़ में आ गई और महिला को गिरफ्तार कर लिया।

मां ने ऐसे पहचाना अपने बेटे का शव
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वरुण का शव मिला तो उनके परिजनों ने मोबाइल से उसका फोटो खींच लिया। मां, दादी और ताई का रो-रोकर बुरा हाल था। इस बीच मोबाइल में शव का फोटो दिखाया तो मां बिलख पड़ी। पैर में काला धागा देखकर मां बोली- यह तो मेरे बेटे के पैर में काले धागे में बंधा ताबीज है। आरोपी महिला ने बच्चे की हत्या करके उसे जला दिया था जिस कारण से उसकी पहचान नहीं हो रही थी। मां ने पैर में बांधे काले धागे से अपने जिगर के टुकड़े की पहचान की।

जाने कैसे पकड़ में आई आरोपी सुनीता
आरोपी महिला सुनीता ने बच्चे का अपहरण करने के बाद उसे खाने में जहर देकर मार दिया फिर शव को टंकी में गेहूं के बीच दबा दिया। दो दिन बाद शव को निकालकर खाली मकान में जला दिया। अधजली अवस्था में जब बच्चे का शव मिला तो उसके ऊपर गेंहू के दाने चिपके हुए थे। गेहूं के दाने सुनीता के घर तक पड़ थे। पुलिस गेंहू के दाने का पीछे-पीछे सुनीता के घर तक पहुंची। 
सुनीता के घर में गेहूं सूखते मिले तो पुलिस का शक यकीन में बदल गया। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी महिला से पूछताछ शुरू की। सुनीता के घर व उसके कपड़ों से दुर्गंध आ रही थी। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने कहा- टॉयलेट की दुर्गंध है। उसके बाद पुलिस ने कहा कि घर में चूहा मर गया था। पुलिस को जब शक हुआ तो उसने गेहूं की टंकी खोली तो उसमें से शव सड़ने की दुर्गंध आ रही थी।