पत्नी के साथ किया ऐसा काम की बाप ने बेटे को घर से ही भगा दिया, जानें ऐसा क्या हुआ

पिंजौर के गांव रामपुर सियूड़ी की महादेव कॉलोनी में पति ने पत्नी को मिट्टी का तेल डालकर जला दिया। 90 प्रतिशत झुलसी पत्नी ने वीरवार दोपहर को पी.जी.आई. में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मरने से पहले घायल ने पति के खिलाफ मैजिस्ट्रेट के सामने बयान भी दे दिया। वहीं मृतका के परिजनों ने दामाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल आरोपी फरार है। पुलिस ने दहेज हत्या का केस दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए पी.जी.आई. में रखवा दिया गया है।

पिता ने दुकान से बेटे को निकाल दिया 
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महादेव कॉलोनी निवासी मृतका के पिता रमेश कुमार और मां मधुबाला ने बताया कि उनकी बेटी सीमा का विवाह 29 अप्रैल 2014 को बलबीर सिंह के पुत्र जसविंद्र सिंह निवासी गांव मालपुरा जिला होशियारपुर से हुआ था। शादी के बाद दोनों की एक बच्ची तनवीर कौर भी है। शादी के समय उनका दामाद जसविंद्र सिंह अपने पिता के साथ एक स्पेयर पार्ट्स की दुकान में काम करता था, परंतु शादी के बाद ही उसके पिता बलबीर सिंह ने उसे दुकान से निकाल दिया।

पैसे लाने का बना रहा था दबाव
मृतका के परिजनों ने बताया कि जसविंद्र जब बेरोजगार हो गया तो वह सीमा पर लगातार दबाव बनाने लगा कि वह अपने मां-बाप से पैसे लाए, ताकि वो अपनी एक स्पेयर पार्ट की दुकान खोल सके। जब सीमा ने घर से पैसे लाने से मना किया तो उसने उससे मारपीट शुरू कर दी। रमेश कुमार ने बताया कि जिस कारण तंग आकर वे अपनी बेटी सीमा और उसकी बेटी तनवीर को शादी के 14 माह बाद ही मायके वापस ले आए।

कालका कोर्ट में किया था दहेज का केस
रमेश कुमार ने बताया कि बेटी सीमा को मायके लाने के बाद उन्होंने दामाद जसविंद्र को कई बार समझाया परंतु जब वह नहीं माना तो उनकी बेटी सीमा द्वारा कालका कोर्ट में मई 2016 में जसविंद्र, उसके पिता बलबीर सिंह, सास सुरेन्द्र कौर और ननद दर्शना के खिलाफ दहेज मांगने का केस दर्ज करवा दिया। इसके बाद से ही सीमा अपने मायके में ही रह रही थी। सीमा के पिता रमेश ने बताया कि इसके बाद गत 13 जून 2018 में जसविंद्र के गांव के कुछ लोग आए और समझौता करवा कर अपनी जिम्मेदारी पर सीमा को अपने साथ वापस ससुराल में ले गए।