देखिए! 221 फुट लंबा दुनिया का सबसे ऊंचा रावण, 5 बार लिम्का बुक में बनाई जगह, जानिए इसकी खासियतें

चंडीगढ़ के धनास में बना दुनिया का सबसे बड़ा रावण का पुतला रोमांच का विषय बना है। इसे देखने के लिए सुबह-शाम लोगों की भीड़ लग रही है। धनास के मैदान में खड़ा विशालकाय रावण 221 फुट का है जिसे देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। पुतला बनाने वाले अंबाला के बराड़ा निवासी राणा तेजिंदर सिंह चौहान ने बताया कि कई बार तो लोग इतनी सुबह पहुंच जाते हैं, कि कारीगर सो रहे होते हैं।
लोग रावण के पुतले के जूते, छत्र, ढाल व अन्य चीजों की जानकारी हासिल करते हैं। दो लाख 50 हजार वर्ग फीट जगह रावण के पुतले के लिए रिजर्व की गई है। रावण का दहन रिमोट कंट्रोल से होगा। इसके लिए 20 प्वाइंट होंगे। सबसे पहले छत्र में ब्लास्ट होगा। उसके बाद ताज और राजहंस में ब्लास्ट होंगे। इसके बाद रावण के बाईं और दाईं ओर के साथ चेहरे में ब्लास्ट होगा। चेहरे के बाद तलवार और नाभि में ब्लास्ट होगा।
इसके बाद जूते में चार प्वाइंट लगाए गए हैं। जूते से ऊपर की ओर ब्लास्ट होगा और इस तरह रावण का पूरा अंत होगा। निर्माणकर्ताओं का कहना है कि सबसे ऊंचा होने के साथ ही यह रावण हैंडसम भी होगा। रावण को खड़ा करने के लिए करीब 300 लोगों मौजूद थे। वहीं आठ लोहे के रस्से लगे। रावण के पुतले का वजन करीब 70 क्विंटल होगा। पुतले में तीन हजार मीटर कपड़ा लगा।

35 लाख रुपये से भी अधिक का खर्च आएगा 
यह विश्व का सबसे बड़ा रावण का पुतला है। यह यूनिक है। राणा तेजिंदर सिंह चौहान ने तो अपना सब कुछ रावण को समर्पित कर दिया है, इसलिए शिव पार्वती सेवादल ने निर्णय लिया कि इस कला को जीवित रखा जाए। पिछले वर्ष चौहान ने आर्थिक तंगी के कारण रावण का पुतला बनाने से मना कर दिया था। इसलिए शिव पार्वती सेवादल ने पूरा खर्च का भार उठाने का फैसला लिया। भगवान भोलेनाथ सब पूरा करेंगे। हमें उन पर पूरा भरोसा है। इस कार्य पर 35 लाख रुपये से भी अधिक का खर्च आएगा। - राजेंद्र सिंह सामंत, प्रधान, शिव पार्वती सेवादल चंडीगढ़