3 बहनों का इकलौता भाई था शाहनवाज़ हुसैन, मां को भी नहीं दिया ख़बर

होशंगाबाद के पास सड़क हादसे में चार हॉकी खिलाड़ियों की मौत की खबर से इंदौर भी शोक में डूबा हुआ है. मृतक खिलाड़ियों में इंदौर का शाहनवाज हुसैन भी शामिल है. अपने परिवार में वो तीन बहनों के बीच अकेला भाई था. शाहनवाज़ की मौत की ख़बर से परिवार बेहाल है. मां को बेटे की मौत की ख़बर देने की हिम्मत परिवार नहीं जुटा पा रहा है.

ट्रॉफी के बजाए कफन आएगा
शाहनवाज़ को हंसते-खेलते दुआओं के साथ परिवार ने रवाना किया था. दुआ थी उसकी कामयाबी की. इंतज़ार था कि बेटा खेल में अव्वल आएगा. हॉकी टूर्नामेंट मैडल और ट्रॉफी के साथ घर लौटेगा. लेकिन ये क्या...हंसते-मुस्कुराते बेटे की जगह शाहनवाज़ की कफन में लिपटी लाश घर लौटेगी.

मां को नहीं दी ख़बर

बेटे की मौत की खबर घर पर क़हर की तरह बरसी. लेकिन खुदा की मर्ज़ी के आगे सब बेबस हैं. ये दुखद ख़बर मिलते ही लाचार पिता बेटे का शव लेने होशंगाबाद रवाना हो गए. परिवार में शाहनवाज़ की मां औऱ तीन बहनें भी हैं. लेकिन मां को बेटे की मौत की जानकारी नहीं दी गई है.

बेहद संघर्ष के बाद पहुंचा था इस मुक़ाम पर
शाहनवाज़ बहुत की गरीब परिस्थिति से निकलकर अपनी प्रतिभा के दम पर यहां तक पहुंचा था. उसके पिता प्राइवेट ड्रायवर हैं और मां गृहिणी हैं. वो तीन बहिनों का एकलौता भाई था. दो बहिनों की शादी हो चुकी है.शाहनवाज हुसैन बहुत ही लगनशील और सरल स्वाभाव का था.

कोच ने किया याद
कोच मोहम्मद याकूब अंसारी के मुताबिक शाहनवाज हुसैन एक साल पहले ही हॉकी अकादमी भोपाल पहुंचा था. वो पिछले 10 साल से हॉकी खेल रहा था. वो एक होनहार खिलाड़ी था. देश के कई राज्यों में वो कई टूर्नामेंट खेल चुका था. शाहनवाज़ की प्रतिभा को देखते हुए पिछले साल ही उसे भोपाल की हॉकी अकादमी में दाखिला मिला था.