ऑनलाइन मोबाइल खरीदना बन गया काल, पिता-पुत्र दोनों की हो गई मौत

बेटे को जिंदगी का फलसफा समझाने में एक मध्यवर्गीय परिवार ने सबकुछ गंवा दिया। इंटर के छात्र 17 वर्षीय बेटे ने शौक पूरा करने के लिए बिना बताए बहन के खाते से ऑनलाइन मोबाइल खरीद लिया। जरूरत के लिए एटीएम से रुपये निकालने पर जानकारी हुई तो पिता ने उसे डांट दिया। इसपर नाराज बेटे ने गुमटी नंबर पांच रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रेन के आगे कूद गया, उसे बचाने में पिता की भी मौत हो गई। परिवार में अकेली बची बेटी पिता व भाई का शव बेहोश हो गई। चार साल पहले अपनी मां को खोने वाली बेटी हाल देख सभी की आंखों में आंसू हैं। 

आर्थिक स्थिति खराब होने पर बहन करती है प्राइवेट नौकरी
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नजीराबाद के जवाहर नगर निवासी 48 वर्षीय प्रेम श्रीवास्तव बांसमंडी की एक कपड़ा फर्म में नौकरी करते थे। उनकी पत्नी पूर्णिमा की चार साल पहले मौत हो चुकी है। परिवार में बेटी नैन्सी और उससे छोटा बेटा नमन था। परिवार की आर्थिक स्थिति में मदद करने के लिए नैन्सी गुमटी में मूवी टाइम के फूड डिपार्टमेंट में नौकरी कर रही है। जबकि 17 वर्षीय नमन बीएनएसडी कॉलेज में इंटर का छात्र था। 

दस दिन पहले खरीदा था मोबाइल
मोहल्ले वालों ने बताया कि 10 दिन पहले नमन ने नया मोबाइल खरीदा था। परिजनों  के पूछने पर वह दोस्त का गिफ्ट बताता था। सोमवार को नैन्सी जब एटीएम से रुपये निकालने गई तो पता लगा कि खाते से 12 हजार गायब हैं। स्टेटमेंट से पता लगा कि इससे ऑनलाइन मोबाइल खरीदा गया है। इसपर नैन्सी ने नमन से पूछताछ की तो वह गुमराह करता रहा। 

सुबह हुआ बहन और भाई में झगड़ा
मंगलवार सुबह इसको लेकर नैन्सी व नमन में झगड़ा हुआ। नैन्सी ने पिता से शिकायत की। शाम को पिता ने बेटे को डांटा और गुस्से में थप्पड़ मार दिए। इस पर नमन गुस्से में घर से निकल गया। प्रेम भी पीछे-पीछे आए। जीटी रोड की रेलिंग पार कर नमन ने रावतपुर की ओर से आ रही कांसगंज एक्सप्रेस के आगे छलांग लगा दी। बचाने में प्रेम भी चपेट में आ गए। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने पिता के कपड़ों से मिले मोबाइल से बेटी को फोन कर जानकारी दी।