फिल्मी स्टाइल में प्रेमी से शादी की जिद पर अड़ी लड़की चाकू लेकर पहुंची थाने, जानिए पूरा माजरा...

बदलते दौर में युवाओं के प्रेम और उसे हासिल करने का अंदाज भी बदल रहा है। युवक-युवती थाने पहुंचकर शादी न कराने पर जान देने की धमकी दे रहे हैं। मजबूरन कहीं थाने में मंडप बनाकर फेरे लगवाए जा रहे हैं तो कहीं काजी साहब निकाह पढ़वा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला रामपुर के टांडा में सामने आया है। जहां प्रेमी से शादी करने के लिए युवती हाथ में चाकू लेकर कोतवाली पहुंच गई और नस काटने की धमकी दी। युवती की सनक को देखकर पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस ने दोनों के परिजनों को बुलाया और कोतवाली में ही निकाह करा दिया। 
नगर के मोहल्ला भब्बलपुरी निवासी अब्दुल वाहिद की पुत्री राबिया व पड़ोसी मुबीन के पुत्र कारी मुकीमुर रहमान के बीच दो वर्ष से प्रेम प्रसंग चल रहा है। इस बीच युवती के पिता ने युवती का निकाह पास के मोहल्ले में तय करा दिया लेकिन, युवती तैयार नहीं हुई तो पिता दूसरे रिश्ते की तैयारी कर रहे थे। शनिवार को रात आठ बजे युवती परिजनों को कमरे में बंद कर हाथ में चाकू लेकर कोतवाली पहुंच गई। कोतवाली पहुंच कर उसने अपने ही परिजनों पर मारपीट का आरोप लगाते हुए प्रेमी से शादी कराने की मांग की। साथ ही धमकी दी यदि प्रेमी से शादी नहीं हुई तो वह नस काटकर अपनी जान दे देगी।
युवती की सनक देखकर थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। महिला सिपाहियों ने चाकू छीनकर उसे पकड़ कर कार्यालय में बिठा लिया। थोड़ी देर में युवक भी थाने पहुंच गया और वह भी युवती से शादी की जिद पर अड़ गया। इसके बाद पुलिस ने दोनों के परिजनों को कोतवाली बुला लिया। दोनों के अलग-अलग जाति के होने के कारण तनाव की स्थिति बन गई। कोतवाली में भीड़ जमा हो गई। पुलिस को कई बार भीड़ को भगाना पड़ा। कोतवाली प्रभारी दुर्गा सिंह ने भी युवती को काफी समझाया पर वह नहीं मानी। युवती के माता-पिता ने भी इज्जत का हवाला देते हुए घंटों समझाया लेकिन, वह नहीं मानी।
युवक के पिता ने भी काफी समझाया पर युवक भी नहीं माना। करीब चार घंटे बाद पुलिस के प्रयास से दोनों पक्षों में समझौता हुआ। जिसमें दो लाख रुपये मेहर तय होने के साथ ही युवक के पिता की संपत्ति में बंटवारे के समय तीसरा हिस्सा दोनों का भी शामिल होगा क्योंकि युवक के पिता के तीन पुत्र हैं। बाद में दोनों का कोतवाली में ही मौलवी खलीक ने निकाह कराया। निकाह में मोहम्मद रफी व मोहम्मद ताहिर गवाह बने, जबकि हाजी खलील वकील बने। निकाह की खुशी में छुआरे भी बंटे।