महिला मिली बाजरे के खेत में, वो भी इस अवस्था में...कई दिन से थी गायब

बरौर थाना क्षेत्र के बरगवां गांव निवासी ओमप्रकाश का खेत डेरापुर थाना क्षेत्र के आशापुरवा की सीमा में है। इसमें बटाईदार वीरेन्द्र पाल ने बाजरा की फसल बोई है। बुधवार शाम वीरेंद्र फसल देखने गया था। खेत के अंदर कपड़े पड़े दिखाई दिए। अंदर जाने पर उसे एक महिला का क्षत-विक्षत शव पड़ा दिखा। उसने ग्रामीणों को जानकारी दी। चौकीदार फूल सिंह की सूचना पर बरौर एसओ दिग्विजय सिंह, दारोगा प्रशांत गिरी, धर्मेन्द्र कुमार मौके पर पहुंचे। बगल में बरगवां के छिद्दा के खेत में एक हंसिया पड़ा मिला। घटनास्थल वाला खेत डेरापुर थाना क्षेत्र के आशापुरवा गांव की सीमा में मिला। 
इसके बाद डेरापुर एसओ नीरज कुमार यादव भी मौके पर पहुंच गए। एएसपी अनूप कुमार व सीओ रामकृष्ण मिश्रा ने मौके पर पहुंच कर छानबीन शुरू की। इस बीच बरगवां गांव के दिवंगत श्रीबाबू की पत्नी रजनी के कई दिनों से लापता होने की जानकारी हुई। रजनी के देवर छोटे संखवार व रजनी की सास जयदेवी ने यहां कपड़े व हसियां देख कर शिनाख्त की। जयदेवी ने पुलिस को बताया कि बड़े पुत्र श्रीबाबू की 6 वर्ष पूर्व मौत हो गई थी। बाद में बहू रजनी ने छोटे पुत्र छोटे संखवार की चूड़ियां पहन ली थीं। 
छोटे गाजियाबाद में कबाड़ का व्यवसाय करता है। 13 सितंबर से बहू लापता थी। उसकी मौत कैसे हुई यह सवाल बना है। सीओ ने बताया कि शव पोस्टमार्टम को भेजा गया है। शिनाख्त की पुष्टि के लिए डीएनए परीक्षण की कराया जाएगा। पुलिस ने नहीं दर्ज की थी गुमशुदगी। बरगवां गांव की जयदेवी ने सीओ को बताया कि बहू रजनी देवी 13 सितंबर की शाम 3 बजे खेत पर चारा लेने गई थी। उसके वापस नहीं लौटने व खोजबीन में कुछ पता नहीं चलने पर 18 सितंबर को बरौर थाने में सूचना दी थी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज नहीं की। कहा कि यदि पुलिस उसकी गुमशुदगी दर्ज कर लेती और तलाश करती तो बहू का पता चल जाता। इधर बरौर एसओ दिग्विजय सिंह ने बताया कि उन्हें परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी।