ये काम करने पर पूरे गांव वालों को देनी पड़ती है मटन पार्टी, जानिए क्या है पूरा...

पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का राज्य. यहां शराब बैन है. लेकिन गुजरात के बनासकांठा जिले से आई खबर ने सबका ध्यान खींचा है. यहां का एक गांव है खाटीसितारा. इस गांव ने अनोखा फैसला लिया है. और ये फैसला शराब पीने से जुड़ा है. लोगों को शराब पीने से रोकने के लिए गांव ने ऐसा फैसला किया है कि सबकी पार्टी हो जाती है.दरअसल अगर इस गांव में कोई शराब पीते हुए पकड़ा जाता है तो उसे पूरे गांव को मटन और बाटी की पार्टी देनी पड़ती है. इसके साथ ही शराब पीने वाले व्यक्ति को मौके पर ही 2000 का नोट खर्च करना पड़ता है. जुर्माने के लिए. यह गांव आदिवासी बहुल है. हालांकि ऐसा नहीं है कि इस गांव ने हाल फिलहाल कोई फैसला लिया है. ये फैसला 2013-14 में लिया गया था. गांव में शराबियों की संख्या बढ़ती जा रही थी. इससे क्राइम बढ़ने लगा. लोगों की हत्या तक होने लगी. इसके बाद गांव वालों ने यह जुर्माना लगाने का फैसला किया.

टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में गांव के सरपंच खिमजी दुंगइसा ने कहा-

‘यदि कोई शराब पीते पकड़ा गया तो उस पर 2,000 रुपये जुर्माना लगाया जाता है. शराब पीने के बाद बवाल करने पर 5,000 रुपये का फाइन लगता है. इसके अलावा उसे गांव के 750-800 लोगों को बोकडू (मटन करी और बाटी) खिलाना पड़ता है.’ अब पूरे गांव वालों को मटन खिलाना पड़े तो खर्च तो आएगा ही. 700 से 800 लोगों को मटन और बाटी खिलाने में 20 हजार रुपए का खर्च आता है. लेकिन कोई कितनी बार गांव वालों को मटन पार्टी देता. इसलिए शराब पीकर बवाल करना लोगों ने छोड़ दिया.

गांव वालों ने अखबार को बताया कि शुरुआत में 3 से 4 लोग पकड़े जाते थे. लेकिन 2018 में केवल एक व्‍यक्ति शराब पीकर बवाल करते पकड़ा गया. वहीं 2019 में 10 महीने बीत चुके हैं. लेकिन अब तक एक भी ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है. सरपंच खिमजी ने बताया कि अंतिम बार शराब पीकर हुड़दंग करते हुए नानजी दुंगइसा को पकड़ा गया था. वो दूसरे गांव का रहने वाला था. इस गांव के इस फैसले का असर ये हुआ कि पड़ोस के उपाला गांव के लोगों ने अपने मेहमानों को पिलाने के लिए राजस्‍थान से शराब खरीदना बंद कर द‍िया है.