बेटी हुई तो पति ने अस्पताल में घुसकर किया ऐसा काम, और फिर जो हुआ...

लखनऊ के आशियाना इलाके के एक निजी अस्पताल में यहां भर्ती महिला को बेटी पैदा हुई। इस पर पति ने कुछ रिश्तेदारों के साथ जमकर हंगामा किया। उसने अस्पताल के एक कमरे में बंद कर बहुत बुरी तरह से पत्नी को पीटा और नवजात को मारने की कोशिश की। पीड़िता के मुताबिक, वह थाने गई, जहां पुलिस ने वापस लौटाया। हालांकि देर शाम को पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर पति अनुज कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इंस्पेक्टर के मुताबिक, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम रवाना हो गई है।
मोहनलाल गंज के गोपालखेड़ा की निशा शुक्ला ने बताया कि आठ साल पहले उसकी शादी यहां उन्नाव में असोहा थानाक्षेत्र के सेमरी गांव निवासी अनुज कुमार से हुई थी और शादी के एक साल बाद उसने बेटी सत्या को जन्म दिया। निशा का आरोप है तीन दिन पहले प्रसव पीड़ा होने पर पति उसे अस्पताल नहीं ले गए। जिसके बाद उसने भाई अमित को बुलाया और फिर भाई ने आशियाना स्थित सूर्या अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसने ऑपरेशन के बाद बेटी को जन्म दिया।
लेकिन दोबारा बेटी होने से नाराज पति अनुज अपने साथियों के साथ बुधवार सुबह अस्पताल आ धमका और गाली-गलौच करने लगा। पति ने यहां अस्पताल के एक कमरे बंद कर पत्नी को बहुत बुरी तरह पिटा साथ ही नवजात बच्ची को मौत के घाट उतारने की कोशिश की। चीख-पुकार सुनकर मां गीता और भाई अमित उसे बचाने दौड़े तो पति ने उन दोनों पर भी हमला कर दिया। 
अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों ने रोकने का प्रयास किया तो पति उन्हें धमकाते हुए चला गया। पीड़िता का आरोप है कि वह दोनों बेटियों के साथ आशियाना थाने पहुंची। लेकिन पुलिस ने कार्रवाई की बजाय उसे वापस लौटाया और वो डरी-सहमी पीड़िता दो बेटियों के साथ मायके चली गयी। प्रभारी निरीक्षक विश्वजीत सिंह के मुताबिक पीड़िता ने शाम को तहरीर दी। जिस पर यहां पुलिस ने पति सहित आधा दर्जन लोगों पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।