शॉल और टोपी पहनकर घूमते रहे रजनीकांत, पहचान नहीं पाया कोई, जानिए फिर क्या हुआ...

फिल्म अभिनेता और सुपरस्टार रजनीकांत बदरीनाथ धाम में सफेद पंखी (ऊनी शॉल) ओढ़कर और टोपी पहनकर पहुंचे, जिससे उनके प्रशंसक उन्हें पहचान नहीं पाए। उन्होंने केदारनाथ दर्शन के बाद बुधवार को अपनी बेटी और दामाद के साथ बदरीनाथ भगवान के दर्शन किए। रजनीकांत ने बदरीनाथ की वेद पूजा में भाग लेते हुए देश की खुशहाली, अपने परिवार की सुख एवं शांति के लिए कामना की।
वे करीब बीस मिनट तक बदरीनाथ भगवान की पूजा में शामिल हुए। फिल्म अभिनेता रजनीकांत अपनी बेटी ऐश्वर्या और दामाद धनुष के साथ सुबह आठ बजे बदरीनाथ मंदिर परिसर में पहुंचे। दर्शन के लिए लगी तीर्थयात्रियों की लाइन से होकर ही रजनीकांत ने बदरीनाथ मंदिर के सभा मंडप में प्रवेश किया।
मंदिर परिसर में एक पुलिस कर्मी ने उन्हें पहचान लिया, लेकिन बिना परिचय किए ही पुलिस कर्मी उन्हें बदरीनाथ मंदिर के मंडप तक ले गए। उस समय धाम में वेदपाठ चल रहे थे। फिल्म अभिनेता रजनीकांत, उनकी पुत्री व दामाद ने भी वेदपाठ में शामिल होकर भगवान बदरीनाथ की पूजा-अर्चना की।
करीब बीस मिनट के बाद वे मंदिर से बाहर आकर बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की गुजरात धर्मशाला में पहुंचे। उन्होंने बदरीनाथ के रावल (मुख्य पुजारी) ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी से भी भेंट की।
बदरीनाथ के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने बताया कि रजनीकांत ने आम तीर्थयात्रियों की तरह बदरीनाथ धाम में दर्शन किए और बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के लोगों के साथ फोटो भी खिंचवाई। करीब एक घंटे तक बदरीनाथ धाम में प्रवास करने के बाद वे लौट गए।