एक ऐसी सच्ची प्रेम कहानी, जिसको पढ़ने के बाद आप अपने आंसू भी नहीं रोक पायेंगे, जानिए...

मुस्कान आनंद बिहार की रहने वाली थी। उसने इंटर की पढ़ाई पूरी करने के बाद श्री गुरु गोविन्द सिंह कालेज में प्रवेश लिया था। मुस्कान हॉस्टल में ही रहती थी। एक दिन उसकी मुलाकात अंकुर अरोड़ा नामक एक लड़के से हो गई। अंकुर दिल्ली के ही एक बहुत बड़े व्यापारी का लड़का था। मुस्कान उसे पहली ही मुलाकात में दिल दे बैठी। धीरे -धीरे मुलाकाते बढ़ने लगीं और दोनों किसी एकांत स्थान पर अपना घंटों समय भी बिताने लगे। दोनों ने एक दूसरे के साथ जीने मरने की कसमें भी खाईं।
दोनों की मोहब्बत इस रंग परवान चढ़ी कि दोनों ने शादी के बाद की भी हदें पार कर दीं। मुस्कान अपना सब कुछ अंकुर पर लुटा चुकी थी। तीन महीने बाद मुस्कान को पता चला कि वो अंकुर के बेटे की माँ बनने वाली है। उसने यह खुसखबरी अंकुर को बताई तो अंकुर गुस्सा हो उठा। उसने साफ़ ही कह दिया तुम्हारे पेट हमारा बच्चा नहीं हो सकता। मुस्कान पहले तो उसकी बातों को मजाक समझती रही किन्तु जब एक दिन अंकुर ने उसे बेइज्जत कर दिया। उसने कहा तुम तो मेरे काबिल ही नहीं हो। पता नहीं किसका पाप अपने पेट में लेकर घूम रही हो। मुस्कान जैसे पहाड़ से नीचे गिर गई हो। उसने अंकुर से बहुत कहा कि हमारा ही बच्चा है किन्तु अंकुर नहीं माना। मुस्कान के कुछ समझ में नहीं आ रहा था। इस बींच अंकुर ने कालेज आना भी बहुत कम कर दिया। मुस्कान इससे और भी परेशान होने लगी।
हारकर एक दिन मुस्कान किसी तरह अंकुर के घर पहुंच गई। अंकुर के माता -पिता ने भी उसे बदचलन कहकर घर से निकाल दिया। मुस्कान उन्हें बहुत समझाती रही किन्तु उन्होंने उसकी एक भी बात नहीं सुनी। अब मुस्कान अंकुर से मिलना चाहती थी और तीन दिन बाद ही उसे अंकुर मिल गया। मुस्कान ने अंकुर के पैर पकड़ लिए और कहा मुझे मत छोड़ो, मैं तुम्हारे बिना नहीं जी सकूंगी। किन्तु अंकुर अपनी दौलत के घमंड में था। उसने उसे पुनः जलील किया और खुद दूसरी तरफ चल दिया। मुस्कान बहुत ही कमजोर हो गई थी और बहुत ही ज्यादा अंकुर से प्यार करती थी। उसके पापा का रोज फोन आता था किन्तु वह सब कुछ ठीक बताकर समझा देती थी। मुस्कान के कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था।
तीन दिन तक मुस्कान स्कूल नहीं आयी थी। मुस्कान की सभी सहेलियां काफी परेशान थीं। मुस्कान के पापा का भी फोन नहीं लग रहा था। चौथे दिन जब मुस्कान के पिता ने स्कूल में पता किया तो पता चला कि वह पिछले तीन दिन से स्कूल ही नहीं आ रही है। मुस्कान के पापा बहुत परेशान थे। उसी दिन उन्हें पता चला कि एक पहले ही किसी लड़के ने पास की ही एक बिल्डिंग से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। मुस्कान के पिता इस को मानने को तैयार ही नहीं थे कि वो लड़की मुस्कान हो सकती है किन्तु फिर भी उन्होंने उसे एक बार देखना उचित समझा। थाने में जाकर जब उन्होंने देखा तो उनके होश उड़ गए थे। 

वह मुस्कान ही थी किन्तु उसके पिता यह मानने को तैयार ही नहीं थे कि मुस्कान आत्महत्या कर सकती है। पुलिस ने अपनी जांच की तब उन्होंने अंकुर अरोड़ा को गिफ्तार किया। दरअसल मुस्कान ने आत्महत्या नहीं थी। जब मुस्कान ने अंकुर से कहा कि मैं क़ानून का सहारा लूंगी तो वह डर गया और उसे दो दिन बाद शॉपिंग के वहाने उस बिल्डिंग में ले गया और ऊपर ले जाकर नीचे फेंक दिया। यह घटना 4 अक्टूबर 2019 की है। अंकुर पुलिस की हिरासत में है और उससे पूँछ तांछ की जा रही। आज दुनिया में मुस्कान सिर्फ अपनी एक गलती की वजह से इस दुनिया में नहीं है, क्योंकि उसने किसी से सच्चा प्यार किया था।