अपनी दोस्त को बचाने के चक्कर में बह गई थी पिंकी, अब मिली है इस हाल में...

अपनी सहेली श्रुति पंडा को बचाने की खातिर महानदी में बही पांच बालिकाओं को तो स्थानीय लोगों और अग्निशमन केंद्र के कर्मचारियों ने तेज बहाव से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जबकि 13 वर्षीय पिकी विश्वकर्मा का शव बुधवार की शाम 80 घंटों के बाद संबलपुर अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों ने बरामद कर लिया है।
उल्लेखनीय है कि गत रविवार को यह हादसा होने के बाद महानदी में दूर दूर तक तलाश करने के बावजूद पिकी का पता नहीं चला था। उधर हीराकुद बांध के जलभंडार का जलस्तर भी अपने सर्वाधिक लेवल पर है। ऐसे में जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बांध का पांच गेट खोला गया है। बांध के इन गेटों से निकलते पानी से महानदी में एक बार फिर बाढ़ जैसी स्थिति है। 
जो पिकी की तलाश में बाधक साबित हो रही थी। संबलपुर अग्निशमन केंद्र के अधिकारी जितेन कुमार दास के अनुसार बुधवार की शाम महानदी तट के दूसरी ओर स्थित चाउंरपुर गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर स्थित नदी के किनारे से पिकी का शव बरामद किया गया। शव बरामद होने के बाद मृत पिकी के परिवार में मातम पसरा है।