जवान बेटे को खोने वाला पिता, दस दिन भी नहीं जान पाया आखिर क्या हुआ था उस दिन

दस दिन गुजर जाने के बाद भी अभी तक यह पता नहीं चल सका कि उस दिन लोकेंद्र के साथ क्या हुआ था। उसने आत्महत्या की थी या उसकी हत्या हुई थी। जवाहर सर्कल थाने में मारपीट का मामला दर्ज कराने के 20 दिन बाद ही लोकेन्द्र का क्षत विक्षत शव अजमेर पुलिया के नीचे पड़ा मिला था। जीआरपी ने पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। लेकिन अब मृतक के पिता ने बेटे की हत्या करने का आरोप लगाया है।
लोकेन्द्र ने अपने ही दोस्त सुरेश का रेलवे लाइन पर क्षत विक्षत शव मिलने के मामले में हत्या की आशंका जताई और दोस्त के पिता के साथ खुलासे के लिए थाने पर गया था। झालाना निवासी बच्चन शर्मा का आरोप है कि बेटे लोकेन्द्र के दोस्त सुरेश की हत्या को भी हादसा बता दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरेश की हत्या करने वालों ने अब लोकेन्द्र की भी हत्या कर हादसा बताने के लिए बेटे का शव रेलवे लाइन पर पटक दिया। पुलिस निष्पक्ष जांच करे तो उनके बेटे के हत्यारों का पता चल सकेगा।

ममेरे भाई के पास पार्र्टी करने गया था
पिता ने बताया कि लोकेन्द्र 13 सितम्बर की शाम सात बजे सी स्कीम में किराए से रहने वाले ममेरे भाई राहुल के पास पार्टी करने की कहकर गया था। करीब सवा घंटे बाद राहुल ने फोन कर पूछा लोकेन्द्र घर आ गया क्या? उन्होंने राहुल को बताया कि लोकेन्द्र घर नहीं आया। वह तो उसके पास ही सो रहा था।

हाथ पर लिखा नाम देखा तो...

पिता अजमेर पुलिया पहुंचे तो दो पुलिसकर्मी खड़े थे। उनके पास एक व्यक्ति कट्टा लेकर बैठा था। बेटे का कटा हाथ अलग पड़ा था। हाथ पर नाम लिखा देखा तो पैरों तले जमीन खिसक गई। लोकेन्द्र की मां भी साथ गई थी।मां कुछ दूर पड़े बेटे के कटे सिर को गोद में लेकर बेसुध हो गई।