इस लड़की ने किया कुछ ऐसा काम जो आमतौर पर लड़के करते हैं, जानिए इनके बारे में...

जननी राव ने आगे कहा, "कस्टमर्स की प्रतिक्रिया काफ़ी अच्छी रही है. वे कहते हैं कि इस फील्ड में महिला को काम करते देखना बहुत अच्छा लगता है. यह एक ऐसा काम है जिसे समाज में महिलाओं के लिए ‘ठीक’ नहीं माना जाता. हैदराबाद शहर में खाना घरों तक पहुंचाने वाली कंपनी ‘स्विगी’ की एक डिलीवरी एजेंट चर्चा में है. ये डिलीवरी एजेंट 21 साल की लड़की है. दरअसल इस 21 साल की लड़की ने सामाजिक बंधनों को तोड़ते हुए बतौर डिलीवरी वूमेन काम करना शुरू किया है और लोगों के लिए प्रेरणा बनी है. 
उनका नाम जननी राओ है और वो हैदराबाद की ही रहने वाली हैं. समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में लड़की ने कहा, "ढाई महीने पहले मैंने कंपनी ज्वाइन की. यह नौकरी बहुत आकर्षक और मज़ेदार है. मैं कई ऐसे लोगों से मिलती हूं जो दिलचस्प होते हैं. अगर आप इस बारे में सोचेंगे तो ये एक अलग तरह का अनुभव होगा." जननी राव ने आगे कहा, "कस्टमर्स की प्रतिक्रिया काफ़ी अच्छी रही है. वे कहते हैं कि इस फील्ड में महिला को काम करते देखना बहुत अच्छा लगता है. यह एक ऐसा काम है जिसे समाज में महिलाओं के लिए ‘ठीक’ नहीं माना जाता." उन्होंने काम पर ज़ोर देते हुए कहा, "काम केवल काम होता है. 
कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता. काम आपको पैसा देता है. और आप इसे पसंद करते हैं." इस फील्ड में महिला सुरक्षा पर अपनी बात करते हुए जननी कहती हैं, "अगर सुरक्षा की बात है तो हैदराबाद महिलाओं की सुरक्षा के मामले में राज्य में दूसरा सबसे बेहतर शहर है. यहां डरने की कोई ज़रूरत नहीं है. मैं लोगों से अपील करती हूं कि वे इस फील्ड में आएं और बिना डरे काम करें." समाचार वेबसाइट ‘द न्यूज़ मिनट’ को दिए एक साक्षात्कार में जननी बताती हैं कि उनके दिन की शुरुआत सुबह 11 बजे होती है और दोपहर में 3.30 बजे तक वो काम करती हैं. एक दिन में कम से कम 7-8 ऑर्डर तो वो ज़रूर पूरा करती हैं.

पढ़ी लिखी हैं जननी
जननी ने इस साल मनोविज्ञान और मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएट किया है. स्विगी के साथ जुड़ने से पहले जननी एक लेखक के रूप में फ्रीलांसिंग कर रहीं थीं. वह कहती हैं कि नौकरी कुछ अलग है और अब तक खाना पहुंचाने का उनका अनुभव काफी अच्छा रहा है.

क्यों शुरू किया ये काम?
जननी बताती हैं कि उसके माता-पिता एक घर बना रहे हैं. जिसमें काफ़ी खर्च हो रहा है. तो जननी ने अपने माता-पिता की मदद करने के बारे में सोचा और उन्होंने पार्ट टाइम नौकरी की तलाश की. तब उनके दिमाग़ में डिलीवरी एजेंट के तौर काम करने की बात आई. और उसके बाद उन्होंने ‘स्विगी’ ज्वाइन किया.