पति इतना जल्द ही गुज़र गया, और अब पत्नी ने मांगी सरकार से ऐसी इजाजत...जानिए

पति की मौत के बाद गरीबी और बेबसी का दर्द गांव गुजरां की जसवीर सिंह से भला कौन जान सकता है। पति के इलाज के लिए लिया कर्ज नहीं चुकाने की सूरत में उसने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिदर सिंह को पत्र लिखकर आत्महत्या करने की इजाजत मांगी है। उसने बताया कि पति जसविदर सिंह कैंसर से पीड़ित थे। उनके इलाज के लिए लोगों से पैसे उधार लिए। 
सोचा था-जब वह ठीक हो जाएंगे तो सारा कर्ज उतार देंगे। पर किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। इलाज में उधार के सारे पैसे भी खर्च हो गए और 19 सितंबर को पति भी दुनिया को अलविदा कह चले गए। चार बच्चों को लेकर दर-दर की ठोकरें खा रही पीड़ित ने बताया कि घर में कमाने वाला कोई नहीं है। इलाज पर घर का सामान तक बिक गया। अभी भी उस पर चार लाख रुपये का कर्ज है।

घर में चार बेटियां

प ड़िता ने बताया कि घर में चार बेटियां हैं। हर पल चिंता सताती है कि इनका क्या होगा। दो बेटियों को मायके वालों के पास भेजा है लेकिन बाकी दो को पालने के लिए भी पैसे नहीं है। पंजाब सरकार का कोई अधिकारी या नुमाइंदा कभी हाल जानने तक नहीं आया। पैसे उधार देने वाले रोज आ खड़े होते हैं, जबकि उसके पास देने को फूटी कौड़ी भी नहीं। सिर्फ इतना चाहती हूं कि कर्जा उतार दो..
जसवीर कौर ने कहा कि उसने मुख्यमंत्री के नाम डिप्टी कमिश्नर संगरूर को पत्र भेजा है। उसने लिखा भी है कि कैंसर पीड़ित परिवार को मदद देने के पंजाब सरकार कई वादे तो कर रही है लेकिन उनकी कभी मदद नहीं की गई। पीड़ित ने कहा कि उसका कर्ज माफ करवा दिया जाए तो कहीं न कहीं नौकरी कर वह बेटियों को पाल लेगी। 

अगर सरकार मदद नही कर सकती तो खुदकुशी की इजाजत दी जाए। सरकार को भेजेंगे केस, रेडक्रास से मदद का प्रयास। डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी का कहना है कि परिवार का केस सरकार के पास मदद के लिए भेजा जाएगा। अगर सरकार कोई मदद प्रदान करेगा तो परिवार को अवश्य मदद दी जाएगी। साथ ही रेडक्रॉस सोसायटी की तरफ से मदद प्रदान करने का प्रयास भी किया जाएगा, ताकि परिवार को कुछ राहत मिल सके।