आधार कार्ड से ये महिला बन गई लखपति, जब सामने आई सच्चाई तो अफसरों के उड़ गए होश

आधार कार्ड के जरिए लाखों की जमीन का फर्जीवाड़ा करने का एक अनोखा मामला सामने आया है। कल तक जिस महिला के पास एक डिसमीन जमीन ही नहीं थी, उस महिला के आधार कार्ड के जरिए अज्ञातों ने 20 एकड़ की जमीन बेच दी। सरकारी योजनाओं से नाम कटने के बाद जब महिला को लखपति होने की बात पता चली तो, होश ही उड़ गए। महिला ने मामले की शिकायत विभाग के अफसरों से की है।

जानिए हैरान करने वाला ये मामला

दरअसल ये मामला छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले का है। जनपद पंचायत मालखरौदा की रहने वाली दुलौरिन बाई सिदार के पास एक डिसमील भी जमीन नहीं है। लेकिन राशन कार्ड निरस्त होने के बाद महिला को पता चली कि उसके और बेटे के आधार कार्ड में पति का नाम और जाति में बदलाव कर लाखों रुपए की 20 एकड़ जमीन की बेच दिए। राशन कार्ड से नाम कटने के बाद महिला ने अफसरों को बताया कि वे एक गरीब है पता नहीं किसने पति के नाम और जाति में काट छांट कर फर्जीवाड़ा किया है।
आधार कार्ड में ऐसे बदल दिया पति का नाम और जाति

जानकारी में ये बात पता चली है कि वर्ष 2016-17 में आधार कार्ड का गलत उपयोग कर दूसरे जाति के व्यक्ति द्वारा महिला का पति बनकर उसके नाम की 9.80 एकड़ जमीन एवं उसके पुत्र लोकेश के आधार कार्ड में अंजान शख्स ने पिता बनकर 10.71 एकड़ भूमि का पंजीयन करवा लिया। इस तरह दुलौरिन बाई व उसके पुत्र लोकेश के आधार कार्ड से 20.51 एकड़ जमीन का किसान पंजीयन कर बेच दिया गया। फर्जी तरीके से हुए जमीन पंजीयन में दुलौरिन बाई का राशन कार्ड निरस्त हो गया। इसके अलावा अब महिला को किसी भी सरकारी योजनाओं को लाभ नहीं मिल रहा है।

मामले की चल रही जांच

इसकी शिकायत उन्होंने 2018 में जनसमस्या निवारण शिविर में किया था। जिस पर जांच टीम गठित किया गया है। जांच में सहायक खाद्य अधिकारी राजीव तिवारी द्वारा सेवा सहकारी समिति पोता के कंप्यूटर आपरेटर सुखनंदन गवेल को दोषी पाते हुए जांच रिपोर्ट एसडीएम को सौंपा था। इसके बावजूद आज तक संबंधित पर कार्रवाई नहीं हो पाया। आपको बता दें कि ये मामला पिछले सप्ताह 1 सितंबर की है। फिलहाल इस मामले में क्या कार्रवाई हुई इसकी जानकारी अभी अफसरों ने मीडिया को नहीं दी है।