देहात की जिस गायिका को स्टेज पर देख लाखों दिल गा उठते थे, उसकी साथ प्रेमी ने ऐसा क्यों किया?

रागिनी सिंगर सुषमा. एक अक्टूबर को इनकी हत्या कर दी गई थी. इस मामले में ग्रेटर नोएडा पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है. इसमें दो शार्प शूटर हैं. और सुषमा के पति गजेंद्र भाटी और भाटी का ड्राइवर अमित, उसका चचेरा भाई अजब सिंह और साथी प्रमोद मेहसाना शामिल हैं. 6 अक्टूबर को एक मुठभेड़ हुई. उस दौरान दो शूटर मुकेश और संदीप को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.
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पुलिस के मुताबिक, बदमाशों के पास से एक फॉर्च्यूनर कार, एक पिस्टल, एक तमंचा और कारतूस बरामद किए गए हैं. आरोपी मुकेश के ऊपर पहले से ही लूटपाट और हत्या के 22 मामले दर्ज हैं. संदीप के खिलाफ भी लूटपाट के दो मामले हैं. आरोपियों ने पुलिस के सामने ये बात कबूली कि उन्हें गजेंद्र भाटी ने ही 8 लाख रुपए हत्या की सुपारी दी थी. सुषमा पर 19 अगस्त, 2019 को हमला भी हुआ था. और उसके बाद अब हत्या कर दी गई.

जानिए पूरा मामला क्या है?
सुषमा का पूरा नाम सुषमा नेकपुर है. रागिनी गाती थीं. बुलंदशहर की रहने वाली हैं. हमने इनकी बहन सोनू सम्राट से बात की. उन्होंने बताया कि वो दोनों ही स्कूल टाइम से गाना गाने का शौक रखते थीं. फिर धीर-धीरे शो करने लगीं. कार्यक्रम में भी परफॉर्म करने के लिए बुलाया जाता था. 12-13 साल से वो दोनों इसी प्रोफेशन में थीं.

सोनू ने बताया
सुषमा 26 साल की थी. संदीप कौशिक से 2014 में तलाक हुआ था. उसके करीब 9 साल पहले शादी हुई थी. पर कुछ ठीक नहीं चल रहा था. संदीप सुषमा को मारता-पीटता था, गाली-गलौज करता था. 2014 में एक बेटी हुई थी. पर बाद में तलाक हो गया. हालांकि बेटी की परवरिश के लिए 7 लाख रुपये संदीप ने दिए थे.

भाटी से मुलाकात कब हुई-
सोनू ने बताया कि गजेंद्र भाटी एक भजन की कैसेट रिकॉर्ड करवाने के लिए आया था. अमूमन सोनू और सुषमा साथ ही परफॉर्म करते थे, पर उस भजन कैसेट में सुषमा ने अकेले ही परफॉर्म किया था. क्योंकि ये भाटी की डिमांड थी. उसके बाद दोनों मिलने-जुलने लगे. और नज़दीकियां बढ़ गईं. दोनों ने 2014 में शादी भी कर ली थी. सोनू का कहना है कि लिव-इन वाली बात नहीं पता क्यों उड़ाई जा रही है. क्योंकि दोनों शादीशुदा थे. दोनों का एक बेटा भी है, जो आने वाले 28 नवंबर को दो साल का हो जाएगा.
सोनू ने बताया कि दोनों की शादी के कुछ दिन सब सही था. पर बाद में दोनों के बीच काफी परेशानी शुरू हो गई. रोज लड़ाई-झगड़ा होता था. भाटी कई बार सुषमा को डराने के लिए आत्महत्या की धमकी देता था. एक बार उसने स्टूल पर चढ़कर फांसी लगाने का नाटक किया. बाद में उसका ये नाटक हकीकत में बदल गया. उसका पैर फिसला कि क्या हुआ, वो वहीं लटक गया. तब उसे सोनू ने बचाया था. वहीं, भाटी की सुषमा से दूसरी शादी थी. उसने दूसरी शादी मंदिर में तो कर ली. पर पहली पत्नी को तलाक नहीं दिया था. सुषमा ने भाटी से कई बार कहा कि अब तो दोनों का बेटा भी है, तो वो पूरे समाज के सामने उसे अपनाए. पर भाटी ने ऐसा नहीं किया. उसने इस रिश्ते को कभी समाज में नहीं बताया.
सोनू ने बताया कि भाटी खुद को कसाना में कमर्शियल बेल्ट में अधिकारी बताता था. कस्टम में होने की भी बात कही थी. इतना ही नहीं, उसके कई भट्टे चल रहे हैं और वह प्रॉपर्टी डीलर का काम भी करता है. ऐसा कहा था. मतलब इन सब से वह काफी रईस नज़र आ रहा होगा. पर ऐसा बिलकुल नहीं है. क्योंकि सुषमा को जो 7 लाख रुपए बेटी की परवरिश के लिए मिले थे. वो सारे पैसे भाटी ने ले लिए थे. कहता था कि उसके सारे खाते सीज हैं. और उसे पैसों की जरूरत है. सुषमा से लिए हुए पैसों से भाटी ने ब्रेज़ा कार खरीदी. लेकिन सुषमा के नाम पर नहीं ली गई थी. ये कार थी ब्रजपाल के नाम पर, जिसके बारे में सुषमा को ज़रा-सा भी इल्म नहीं था. रही प्रॉपर्टी की बात तो ये हुआ था कि जिस फ्लैट में सुषमा और भाटी रह रहे थे, उसे भाटी ने ये बोलकर खरीदा था, कि वो सुषमा के लिए है. तो सुषमा ने कहा कि मेरे नाम मत खरीदो, इसे बेटे के नाम कर दो. पर इसने दोनों के नाम न करके खुद के कर लिया था. जो धोखा था. ऐसा सोनू ने हमें बताया.