दारू-मुर्गे की पार्टी दी गई तो पकड़ में आये इतने शातिर लोग, जानिए....

धार-झाबुआ के रहने वाले बदमाश देवास जिले में आकर चोरी-डकै ती की वारदातों को अंजाम देते थे। मातमौर जैन मंदिर में डकैती और हाटपीपल्या-उदयनगर में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले चार बदमाशों से पुलिस ने लगभग दस लाख के जेवर और एक कार जब्त की है। पुलिस तीन फरार आरोपितों की तलाश कर रही है। वारदातों को अंजाम देने के बाद आरोपित अपने गांव में रोज दारु-मुर्गे की पार्टी करते थे और इसी निशानदेही पर पुलिस ने उन्हें पकड़ा। देवास पुलिस ने आरोपितों के स्थानीय कनेक्शन ढूंढने के बाद कड़ी मशक्कत के बाद इन्हें पकड़ा है।
पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर सोलंकी ने बताया कि बागली थाना क्षेत्र में 27-28 अगस्त की रात मातमौर शिवपुर जैन मंदिर में अज्ञात चोर चौकीदार से मारपीट कर भगवान की चांदी की अंगी वस्त्र, मुकु ट, दान पेटी डकै ती डालकर ले गए। कु छ समय पूर्व थाना उदयनगर में जीवन दांगी के घर से भी जेवरात व नकद राशि चोरी कर ली गई थी। हाटपीपल्या में दिलीप सोनी के यहां से भी जेवरात चोरी हो गए थे। सतवास में बैंक में चोरी का प्रयास कि या गया था। इन घटनाओं ने पुलिस की नींद उड़ा दी। इन घटनाओं से जुड़े कु छ सीसीटीवी फु टेज पुलिस को मिले। इस आधार पर संदिग्ध हुलिये वाले लोगों पर नजर रखी गई। एसपी चंधशेखर सोलंकी ने एक पूरी टीम बनाकर इन वारदातों का पर्दाफाश करने की जिम्मेदारी सौंपी।

धार-झाबुआ के गांवों में डाला डेरा
संदिग्ध हुलिये वाले बदमाश धार-झाबुआ के प्रतीत होने पर पुलिस की एक टीम ने वहां डेरा डाल दिया। बाग-टांडा में एक संदिग्ध व्यक्ति पर नजर रखी गई। इस व्यक्ति का बागली क्षेत्र के विष्णु भील से संबंध होना पाया गया। इसके बाद विष्णु को पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की। विष्णु टूट गया और उसने बताया कि बाग थाना क्षेत्र अंतर्गत डेहरी चौकी के बरखेड़ा गांव में उसके रिश्ते का मामा जुवारसिंह पिता के कड़िया अनारे तथा काटी के परम पिता नरवर भील की गैंग का यह काम है। स्थानीय स्तर पर पुलिस को पता चला कि जुवार और परम की गैंग रोज-रोज दारु-मुर्गे की पार्टी कर खूब पैसा उड़ा रही है। पुलिस को पता चला कि दयासिंह पिता मंगू निवासी काटी, मुके श वसुनिया पिता बिशनसिंह निवासी रणजीतगढ़ जोबट, जयकि शन पिता धड़कसिंह निवासी पीपरी और विष्णु पिता जुवानसिंह भील निवासी बोरी थाना बागली घटना में शामिल है।

इंदौर को ठिकाना बनाकर करते रहे वारदात
आरोपित धार-झाबुआ क्षेत्र के निवासी है जो स्थानीय रिश्तेदारी व दोस्ती के संबंध बनाकर एवं मजदूरी करने के बहाने रैकी करते थे। आरोपित इंदौर में मजदूरी करने के नाम पर ठिकाना बनाकर एकत्र होकर आसपास के क्षेत्रों में वारदात करते रहे हैं। बागली एवं उदयनगर क्षेत्र के जुवानसिंह भील, सीताराम भिलाला जो कि हत्या के मामले में सजायाफ्ता होकर भैरुगढ़ जेल में है। उन्होंने मुख्य आरोपित जुवारसिंह भील से संबंध बना लिए थे। दरअसल, मुख्य आरोपित उससे जेल में मिलने जाता था। जुवानसिंह के पुत्र विष्णु के सहयोग से इन वारदातों को अंजाम दिया गया। घटना के पहले जुवारसिंह व परम द्वारा विष्णु के साथ सावन सोमवार के दिन मातमौर मंदिर की रैकी की गई और फिर घटना को अंजाम दिया गया।