एक ऐसी सच्ची प्रेम कहानी, जिसको पढ़ने के बाद प्यार से नफरत हो जाएगी, लड़के जरूर पढ़ें...

कानपुर देहात के रहने वाली आरती शर्मा अभी जवानी की दहलीज पर ही पहुँची थी कि उसे आदित्य नाम के एक लड़के से प्यार हो गया। आदित्य एक टीचर था और एक प्राइमरी स्कूल में पढ़ाता था। आरती भी स्नातक और बीएड थी किन्तु नौकरी न लगने के कारण एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाती थी। आदित्य से जब उसकी मुलाकात हुई तो वह बहुत ही खुस हो गई किन्तु उसे आदित्य के बारे में कुछ भी पता नहीं था। आदित्य ने तीन महीने तक आरती के साथ रंगरलियां मनाई और जब आरती ने उससे शादी के लिए कहा तो वह मना करने लगा। आरती ने जब आदित्य के बारे में पता किया तो वो हैरान रह गई आदित्य की शादी हो चुकी थी और उसके दो बच्चे भी थे। आरती ने ज्यादा हाथ पैर नहीं मारे और आदित्य से अपना रिश्ता तोड़ दिया।
आरती को अब पुरुषों से नफरत सी हो गई थी। वह अकेले ही रहना चाहती थी किन्तु तीन महीने बाद उसे उसकी मुलाकात आमिर अहमद से हो गई। वह उससे बात करना नहीं चाहती थी किन्तु आमिर की बातों ने उसे अपनी तरफ आकर्षित कर लिया। आमिर ने आरती के साथ शादी का वादा किया और एक रात वो दोनों एक हो गए। उनकी ये मुलाकातें 6 महीने तक चलतीं रहीं और अचानक से एक दिन आमिर भी गायब हो गया। आरती ने उसे काफी खोजा और फोन लगाया किंतु उसका पता नहीं लगा। आरती एक बार प्यार के नाम पर फिर ठगी जा चुकी थी। वह अंदर से बिल्कुल टूट गई थी। उसने कसम खाई कि अब वह किसी से दिल नहीं लगायेगी। एक साल तक आरती बहुत ही खुस रही।
9 जुलाई 2019 को एक बार फिर उसे अपने स्कूल के ही साथी अनुराग मिश्रा से प्यार हो गया। अनुराग भी शादी शुदा था किन्तु उसने भी आरती से झूठ बोला था कि वो अभी कुंवारा है। आरती और अनुराग जब भी समय मिलता कानपुर में घूमते और फिल्म देखते। आरती बहुत ही खुस थी। उसे ऐसा लग रहा था जैसे उसे जीवन की सारी खुशियां मिल गई हों। अनुराग भी उसे बहुत प्यार करता था। आरती ने अपने को पूरी तरह से अनुराग को समर्पित कर दिया था। अनुराग भी आरती की खूबसूरती पर मर मिटा था। वह दोनों एक पल भी एक दूसरे से अलग नहीं रह पाते थे। आरती अनुराग को मन ही मन में अपना पति और देवता मान चुकी थी। 5 अक्टूबर 2019 को आरती जब अपने स्कूल आयी तो अनुराग नहीं दिखाई दे रहा था। आरती ने प्रिंसिपल से जाकर पूंछा तो उसके होश उड़ चुके थे। अनुराग नौकरी छोड़ कर जा चुका था। अनुराग इटावा का रहने वाला था। आरती पर जैसे पहाड़ ही टूट पड़ा हो। बाद में आरती को पता चला कि अनुराग शादीशुदा था।
आरती का अब स्कूल मीन बिल्कुल भी मन नहीं लग रहा था। वह इस दुनिया से भी बहुत ही परेशान हो चुकी थी। उसे मर्द जाति से नफरत हो गई थी। उसके अंदर अब जीने की कोई आस नहीं बची थी। 7 अक्टूबर 2019 को आरती ने अपने घर में ही पंखे से लटक करआत्महत्या कर ली। आज हमारे समाज में बहुत से ऐसे भेड़िये हैं जो औरतों औरर लड़कियों की आबरू से खेलते हैं। आरतीं ने एक सुसाइड नोट लिखा था। जिसमें उसने अपनी सारी कहानी लिखी और किसी को भी सजा न देने के लिए भी कहा। उसने लिखा दोष मेरा ही था जो मैं ऐसे लोगों को पहचान नहीं सकीं।