प्यार और धोखे की एक ऐसी प्रेम कहानी, जिसे पढ़ने के बाद आपके भी रोंगटे खड़े हो जायेंगे

इटावा से एक बूढ़ी महिला ने पुलिस को फोन किया। उसने सिसकते हुए बताया कि उसकी बहू की किसी ने ह्त्या कर दी है। आनन-फानन में पुलिस मौके पर पहुँची तो उसने जो नजारा देखा वह बहुत ही दर्दनाक था। एक बहुत ही खूबसूरत महिला मरी पड़ी थी। उसको काफी चोटें भी आयीं थी। पुलिस वालों ने तुरंत एसएसपी को फोन किया और पूरे मामले से अवगत कराया। उस महिला की बहुत ही बेरहमी से हत्या की गई थी। आइये जानते है आखिर किसने उस महिला की इतनी बेरहमी से हत्या की थी।
नोएडा के रहने वाला अजितेश मिश्रा एक टीवी एंकर था। बीते कुछ साल पीछे ही उसकी मुलाक़ात दिव्या से हो गई। दोनों में प्रेम बढ़ा और मुलाकातें हुई। इसके बाद अजितेश ने दिव्या को शादी के लिए प्रपोज किया। दिव्या तैयार हो गई और समस्त परिवार की सहमति से दोनों की शादी हो गई। दोनों एक दूसरे को जान से भी ज्यादा चाहते थे। एक दूसरे का पल भी दूर रहने का मन नहीं करता था। लेकिन अजितेश न्यूज एंकर था इसलिए उसे काम पर जाना पड़ता था।
एक दिन अजितेश की नजर उसी की कंपनी में काम करने वालीभावना आर्या पर पड़ी। उसे देख अजितेश उसका दीवाना हो गया। इसके बाद एक दिन अजितेश ने नेहा को भी अपने प्यार के चक्कर में फंसा लिया। इसके बाद दिव्या के प्रति उसके दिल से प्यार कम होने लगा। अजितेश को उसके दोस्त अखिल ने भी काफी समझाया किन्तु अजितेश नहीं माना। 
आखिरकार एक दिन दिव्या को भी अजितेश की प्रेम कहानी के बारे में पता चल गया। वह आगबबूला हो गई और उसने अजितेश को काफी भला बुरा कहा। इसके बाद अजितेश कुछ दिन भावना से दूर रहा किन्तु कुछ दिन बाद ही वह फिर भावना के आगोश में आ गया। इस बाद का जब पुनः दिव्या को पता चला तो उसने नेहा को फोन कर बुरा भला कहा। अजितेश भी भावना के साथ जीने मरने की कसमे खा चुका था। इस लिए उसने अपनी पत्नी को ही रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। उसके इस प्लान में सामिल था उसका दोस्त अखिलेश। अजितेश ने चार अक्टूबर को अपने दोस्त को इटावा अपनी वीबी की हत्या के लिए भेजा।
17 अक्टूबर 2019 को करवा चौथ के दिन दिव्या पूरे दिन व्रत थी और अपने पति का इंतजार कर रही थी। शाम को उसका पति नहीं उसका दोस्त अखिलेश घर आया। दिव्या अखिलेश को अपना भाई जैसा मानती थी। अखिलेश घर में जाकर बैठ गया और कुछ करने लगा। इतने में ही मौका पाते ही अखिलेश ने पास ही रखा फूलदान उठाया और दिव्या के सिर पर पटक दिया। इसके बाद वह उसे काफी देर तक जमीन में पटकता रहा। 
इस बींच उसकी और दिव्या की हाथापाई भी हुई। जब दिव्या की हल्की -हल्की साँसे चल रहीं थी। उस समय अखिलेश ने अजितेश को फोन किया और बताया कि अभी साँसे चल रहीं हैं। अजितेश ने कहा सांसे भी बंद कर दो। इसके बाद अखिलेश ने दिव्या को जान से मार दिया। पुलिस ने फोन रिकॉर्ड और कई अन्य सबूतों से तीनो को गिरफ्तार कर लिया है किन्तु अपने ही पति की लम्बी उम्र का व्रत रहने वाली दिव्या आज इस दुनिया में नहीं है।