साइकिल पर बांधकर लड़के को ले गया, और फिर मांगी लाख रुपये, लेकिन जो हुआ...

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में एक मासूम छात्र के अपहरण से हड़कंप मच गया लेकिन गनीमत यह रही कि पुलिस की गश्त के दौरान मासूम छात्र और अपहरणकर्ता दोनों पुलिस के हत्थे चढ़ा गये. सदर कोतवाली थाना क्षेत्र के पुरवा चौराहे पर तेज नारायण यादव अपने परिवार के साथ रहते हैं और उनका बेटा जिगर यादव केजी का छात्र है.
पुलिस के अनुसार तेज नारायण यादव के घर के बगल में एक निर्माणाधीन मकान है, वहां कुशीनगर जिले का रहने वाला विकेश चौहान मजदूरी करता था. वह तेज नारायण के परिवार से इतना घुलमिल गया था कि उनके घर आना-जाना भी करने लगा. देर रात मजदूर विकेश चौहान तेज नारायण यादव के घर के छत पर चढ़ा और धीरे से सो रहे मासूम छात्र को कंबल में लपेट लिया और बांस की सीढ़ियों से उतरकर उन्ही की साइकिल में बांधकर कुशीनगर जनपद की तरफ जाने लगा. भोर में परिजनों की नींद खुली तो देखा उनका बच्चा गायब है.

परिजनों से कई लाख रुपए मांगी रंगदारी
परिजनों ने पुलिस को सूचना दी और अपने गायब मोबाइल पर लगातार फोन करने लगे, तब तक अपहरणकर्ता सदर कोतवाली थाना क्षेत्र से 20 किलोमीटर दूर रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र में जा चुका था. जब अपहरणकर्ता ने फोन उठाया तो परिजनों से कई लाख रुपए रंगदारी मांगने लगा. पुलिस ने अपहरण कर्ता को साइकिल और अपहृत बच्चे के साथ गिरफ्तार कर लिया है.

गश्त के दौरान पुलिस की पड़ी नजर, साइकिल पर बंधा मिला बच्चा
इधर पुलिस भी अपहरण के मामले पर एक्टिव हो चुकी थी. गश्त के दौरान पुलिस ने देखा कि एक युवक साइकिल पर एक बच्चे को ले जा रहा है. पुलिस ने साइकिल सवार युवक का पीछा किया तो देखा कि साइकिल के डंडे में एक बच्चा बंधा हुआ है और जब उसे रोका तो साइकिल सहित बच्चे को फेंककर धान के खेत में भाग गया. पुलिस ने खेत को चारों तरफ से ग्रामीणों की मदद से घेर लिया. जब सुबह हुई तो उसमें एक युवक अरेस्ट कर लिया, तब जाकर इस पूरे प्रकरण का खुलासा हुआ. एएसपी देवरिया शिष्यपाल के अनुसार इस पूरे मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, उसे जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है.