वर्षों से झाड़ू लगा रहे युवक को कमिश्नर ने पहचाना फिर बोल दिया यह बात

ग्वालियर शहर में चलाए जा रहे सफाई अभियान में शनिवार को ऐसा सेवाभावी श्रमिक मिला जो सालों से नि:स्वार्थ भाव से सडक़ पर झाड़ू लगा रहा है। कमिश्नर रेनू तिवारी ने उसे पहचाना और गाड़ी रोककर उसके पास पहुंचीं। पूरी जानकारी ली और अपने ‘मैं हूँ कबाड़ी’ अभियान का ब्रांड एंबेसडर बनाया। उसे स्लोगन लिखी हुई खास टी-शर्ट स्वयं अपने हाथों से पहनाई और टोपी भेंटकर नाश्ता भी कराया। थोड़ी झाड़ू लगाने या हाथ में फावड़ा पकडकऱ फोटो सेशन के लिए लालायित रहने वाले समाजसेवियों के लिए श्रमिक रामेश्वरदयाल ने उदाहरण है।
अंबाह रोड तिराहे से बड़ोखर तक चले सफाई अभियान के दौरान माता के मंदिर परिसर में कमिश्नर को गंदगी दिखाई दी। इस पर कमिश्नर ने मंदिर के पुजारी से नाराजी जाहिर की। वहीं मंदिर के पास बरगत के पेड़ पर कप, लौकी, तोरई आदि टंगी दिखीं। कमिश्नर ने इसके बारे में पूछा तो लोगों ने बताया कि सूखा रोग से पीडि़त बच्चों की सेहत के लिए लोग टोटका करके यह सामग्री यहां टांगते हैं।

वहीं पास में कुछ छतरियों के पास भी गंदगी देखी तो कमिश्नर ने कारण पूछा। पुजारी ने बताया कि शहर के व्यापारियों ने अपने पूर्वजों की याद में बनवाई हैं, सफाई भी उन्हें ही करनी चाहिए। इसके बाद कमिश्नर ने स्वयं झाड्ू लेकर सफाई की। लेकिन जब कमिश्नर सफाई के बाद लौट रहीं थीं तो अंबाह तिराहे पर एक व्यक्ति झाड़ू लगाता दिखा। कमिश्नर गाड़ी रुकवाकर उसके पास गईं और पूछताछ की।
जब लोगों ने बताया कि वह तो इसी तरह वर्षों से रोज सफाई कर रहा है तो कमिश्नर ने उसे टी-शर्ट, टोपी और नाश्ता देने के साथ उसके साथ आत्मीयता से बात भी की। इस दौरान नगर निगम कमिश्नर अमरसत्य गुप्ता, अपर कलेक्टर एसके मिश्रा, जेल पुलिस की टीम, .जज्बा अभियान के उमाकान्त उपाध्याय सुसानी, डॉ. संजय शर्मा. प्रमोद शर्मा हुसैनपुर. अशोक बंसल आदि मौजूद रहे। कमिश्नर ने एक विद्यार्थी को भी गुटखा खाते हुए पकड़ा। उसे स्कूल जाने के लिए प्रोत्साहित किया और गुटखा खाने के दुष्परिणाम भी बताए।