जीजा की जलती चिता को साले ने बुझा दिया, और फिर जो हुआ जानिए...

लखनऊ के बैकुठधाम में जीजा का अंतिम संस्कार हो रहा था तब ही साले ने उसमें पानी डाल दिया। शव दो घंटे तक जिता पर थी। साले ने जीजा के शव का अंतिम संस्कार होने से रोका, तो वहीं भतीजे ने अंतिम संस्कार बीच में रोकने पर हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस की मौजूदगी में करीब दो घंटे तक ड्रामा जारी रहा। साले ने प्रॉपर्टी विवाद में जीजा की हत्या की आंशका जताई है। पुलिस ने तहरीर लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
थाना गाजीपुर के संजय गांधी पुरम निवासी पंकज उपाध्याय (51) पुत्र स्वर्गीय नारायण उपाध्याय के शव को अंतिम संस्कार के लिए बैकुंठधाम लाया गया था। भतीजा नमन उपाध्याय व अमन उपाध्याय ने मुखाग्नि दी। इस बीच पंकज के साले रिसालदार पार्क निवासी पूर्व पार्षद राजेंद्र शुक्ला अपनी पत्नी के साथ वहां पहुंचे और हत्या का आरोप लगाते हुए अंतिम संस्कार रोकने की मांग कर हंगामा करने लगे और जलती चिता पर पानी डालकर बुझा दिया।

परिवार के बीच मामला इतना बढ़ा कि पुलिस बुलानी पढ़ी। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद राजेंद्र शुक्ला की तहरीर पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रॉपर्टी के विवाद में उनके जीजा की हत्या की गई है। वर्ष 2016 में कार एक्सीडेंट में उनकी बहन मनोरमा उपाध्याय की मौत हो चुकी हैं। मनोरमा की एक लड़की है, जो कक्षा पांच की छात्रा है। राजेंद्र शुक्ला ने बच्ची की सुरक्षा की पुलिस से मांग की।