डॉक्टरों ने जब मरीज की छाती पर देखा ऐसा टैटू, तो छोड़ दिया उसका इलाज, जानिए ऐसा क्या लिखा है

आज के समय में शरीर पर टैटू बनवाना तो आम फैशन बन गया है.. ज्वैलरी और आउटफिट से ज्यादा वैल्यू आज लोग टैटू को दे रहे हैं। युवाओं से लेकर बच्चों और बूढ़े लोगों में भी इसका जबदस्त क्रेज देखने को मिलता है। लेकिन कहते हैं ना कभी-कभी इंसान का शौक उस पर भारी पड़ जाता है और ऐसा ही कुछ हुआ है अमेरिका में.. जहां एक पेशेंट का टैटू का देख डॉक्टरों ने उसका इलाज ना कर मरने के लिए छोड़ दिया।
मामला अमेरिका के फ्लोरिडा का है जहां बेहोशी की हालात में एक पेशेंट आया और जब अस्पताल में डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया तो उन्हे उसके सीने पर एक टैटू बना दिखा जिसके बाद डॉक्टर भी असमंजस में पड़ गए कि मरीज का इलाज करें या फिर उसे मरने के लिए छोड़ दें। दरअसल उस पेशेंट के सीने पर बने टैटू में लिखा था डू नॉट रिससिटेट यानी पुनर्जीवित ना करना। इस वजह से टैटू को देख कर डॉक्टरों के लिए दुविधा हो गई कि उस टैटू के मुताबिक पेशेंट की इच्छा का सम्मान करते हुए उसे मरने के लिए छोड़ दिया जाए या फिर उसका इलाज कर मेडिकल पेशे का फर्ज निभाया जाए और फिर डॉक्टरों ने इस मामले में उस पेशेंट का इलाज न करने का ही फैसला किया।
ये हैरतगंज घटना हाल ही में द न्यू इंग्लैंड जर्नल मेडिसिन में प्रकाशित हुई है। द न्यू इंग्लैंड जर्नल मेडिसिन में प्रकाशित लेख की माने तो 70 साल के इस पेशेंट को बेहोशी की हालत में जैक्सन मेमोरियल अस्पताल में लाया गया था.. उस मरीज को सांस संबंधी और अन्य समस्या थी। लेकिन इलाज के दौरान जब उसके सीने पर लिखा टैटू दिखा तो डॉक्टरों ने उसे मरीज की इच्छा मानते हुए उसका सम्मान किया। सीने पर बने टैटू में ना शब्द के नीचे रेखा खींची थी और साथ ही उस मरीज के हस्ताक्षर भी थे। ऐसे में डॉक्टरों ने माना कि यह उसकी तीव्र इच्छा थी और आपस में सलाह मशवरा करने के बाद उन्होने पेशेंट का इलाज न करने का फैसला किया।