काफी ज्यादा परेशान रहती थी अंग्रेजी टिचर, और फिर जो किया....जानिए

रामगढ़ में एक माह पूर्व बरकाकाना, घुटुवा स्थित केंद्रीय विद्यालय में बतौर अंग्रेजी शिक्षिका के रूप में योगदान देने वाली कुमारी अंकिता ने तालाब में डूबकर आत्महत्या क्यों की? इसको लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। महज एक महीने हुए थे, अंकिता ने केंद्रीय विद्यालय में अंग्रेजी शिक्षिका के रूप में सात सितंबर को योगदान दिया था। उसके पति वेद प्रकाश गुड़गांव स्थित ओरिएंटल बैंक में मैनेजर के रूप में कार्यरत हैं। वेद प्रकाश खुद पत्नी को योगदान दिलाने के लिए रामगढ़ आए थे। 
यहां तीन दिनों के प्रशिक्षण के बाद अंकिता को स्कूल में योगदान दिलाने के बाद वे गुड़गांव चले गए। पति वेद प्रकाश ने बताया कि अंकिता बचपन से ही शारीरिक रूप से अस्वस्थ रहा करती थी। अपने जॉब को लेकर भी मानसिक तनाव में रहती थी। एम्स, दिल्ली में अंकिता का इलाज भी चल रहा था। हालांकि मानसिक तनाव में रहने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। लापता होने की जानकारी मिलने के बाद पूर्णिया से आई सहेली दीपिका ने बताया कि दोनों एक साथ पढ़ी-लिखी हैं। उसके साथ अक्सर फोन पर घंटों बात होती थी। पांच अक्टूबर को उसने फोन किया तो उसे रामगढ़ बुला रही थी। 
उसने पूजा के बाद रामगढ़ आने की बात उससे की थी। दीपिका ने बताया कि अंकिता बात-बात में गुस्सा हो जाती थी। बाहर का कुछ खाने-पीने से पेट खराब हो जाता था। इससे वह टेंशन में आ जाती थी। फिर भी विश्वास नहीं हो रहा है कि आत्महत्या जैसा कोई कदम वह उठा सकती है। इधर शव मिलने के बाद मौजूद भीड़ के बीच यह चर्चा भी हो रही थी कि कहीं न कहीं कुछ गंभीर घरेलू विवाद के कारण ही शिक्षिका ने यह कदम उठाया होगा। अपनी किसी भी उपलब्धियों से खुश नहीं थी। लापता होने के पहले कमरे में छोड़े अंग्रेजी में लिखे एक पन्ने की सुसाइडल नोट में अंकिता के मुताबिक अपने जीवन के किसी भी उपलब्धियों से वह खुश नहीं थी। सुसाइडल नोट में उसने कहा है कि उसके कारण परिवार के कोई भी लोग खुश नहीं हैं। इसलिए उसका मर जाना ही सबसे बेहतर विकल्प है, जो उसने कर दिखाया।