स्टेशन के बाहर पोहा पराठा बेचते हैं ये MBA पास पति-पत्नी, वजह आपको भी हैरान कर देगी...

 आजकल की इस बढ़ती बेरोजगारी में अच्छी खासी पढाई और एजुकेशन के बाद भी इंसान अच्छी जॉब नहीं मिल पाती. और इस बेरोजगारी की वजह से देश में आज कई हाई एजुकेटेड स्टूडेंट छोटा मोटा काम करके आपकी लाइफ चला रहे हैं। वही कई लोग तो ऐसे भी हैं जो अपना पेट पालने के लिए ठेले में चाय पकोड़े बेच रहे हैं। मैं आज आपको एक ऐसे ही शादीशुदा जोड़े के बारे में बताने वाला हूँ जो MBA पास है और वो पति पत्नी ठेले में पोहा और पराठा बेचते हैं। लेकिन इसके पीछे जो वजह है उस वजह को जानकर यक़ीनन आपके आँखों में आंसू आ जायेंगे।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है. मुंबई की दीपाली भाटिया की. इस पोस्ट पढ़कर आपके चेहरे पर पहले तो मायूसी के भाव आएंगे लेकिन जब आपका इसे पढ़कर ख़त्म करेंगे तो यक़ीनन आपके आँखों में आंसू आ जायेंगे . दीपाली ने एक ऐसी सच्ची कहानी अपने फेसबुक पोस्ट में शेयर की है जिसे हर कोई पढ़ रहा है इस पोस्ट में दीपाली बताती हैं कि क्यों एक पति-पत्नी जो अच्छा ख़ासा कमाते हैं वो रोज़ दफ़्तर जाने से पहले नाश्ते की टपरी लगाते हैं. क्यों लगाते हैं? और यकींन मानिये वजह आपको इतनी पसंद आएगी की आप भी कभी ये जरूर करना चाहोगे
दीपाली भाटिया नाम की महिला ने इस पूरी घटना को अपने फेसबुक अकाउंट पर शेयर किया है. उसने बताया कि एमबीए पास एक कपल तड़के सुबह 4 बजे से लेकर सुबह 10 बजे तक यह ठेला लगाते हैं और इसके बाद दोनों अपने-अपने जॉब के लिए निकल जाते हैं. हालांकि उनके पास ऐसा कोई वाजिब कारण नहीं कि उन्हें ठेला लगाना पड़े, क्योंकि दोनों ही एमबीए पास कपल अपने जॉब से खुश है, लेकिन उनकी वजह सुनकर हर कोई हैरान रह जाएगा.
आपको यकीन नहीं होगा कि यह कपल बहुत अच्छे परिवार से है. दोनों एमबीए हैं. नौकरी करते हैं. ये कपल सुबह 4 बजे से 10 बजे तक यहां स्टॉल लगाता है.वो इसलिए कि उनके यहां जो खाना बनाने वाली अम्मा आती हैं वो 55 साल की हैं. पति लकवे के शिकार हैं. पैसों की कमी के चलते वो अपने पति का इलाज नहीं करा पा रही थीं. ऐसे में कपल ने उनकी मदद करने की सोची. और कांदिवली स्टेशन के बाहर स्टॉल लगाना शुरू किया. वे यहां अम्मा के बनाए समान बेचते हैं. और इस पैसे से उनकी मदद करते हैं. सुबह स्टॉल लगाते हैं फिर ऑफिस के लिए निकल जाते हैं.
महिला के पति पैरालाइज्ड हैं, जिसकी वजह से उसे घर-घर में खाना बनाना पड़ता है. ऐसे में कपल रसोइये महिला द्वारा बनाए गए खाने को खुद सुबह बेचने ठेले पर निकल पड़ते हैं. दीपाली ने अपने फेसबुक पर अश्विनी शेनॉय शाह और उनके पति को सुपरहीरोज बतलाया और लिखा, ”अपने रसोइये का समर्थन करने के लिए काम करना ताकि इस उम्र में उसे आर्थिक सहायता के लिए दौड़ना न पड़े. ऐसा करने वाले ये हमारे सुपरहीरोज हैं.” दीपाली का पोस्ट फेसबुक पर काफी वायरल हो चुका है. करीब 18 हजार से ज्यादा लाइक और 6 हजार से ज्यादा शेयर मिले हैं. हर कोई इस कपल की तारीफ कर रहा है. दुआएं दे रहा है. इस तरह के लोगों की कहानियां सामने आनी चाहिए. ताकि इंसानियत पर भरोसा बना रहे. उम्मीदें बरकरार रहें.