जरा सी बात को लेकर पति-पत्नी ने कर लिया ऐसा काम, और फिर जो हुआ जानिए....

मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित अाैखलेश्वर श्मशान घाट पुल से बुधवार को एक दंपती ने शिप्रा नदी में छलांग लगा दी। लंबी जद्दोजहद के बाद रात होते होते होमगार्ड के गौताखोरों ने नदी से महिला का शव निकाल लिया। हालांकि, पति की तलाश अब भी जारी है। जानकारी मिली है कि, पति अपनी पत्नी को मायके जानेकी परमीशन नहीं दे रहा था, जिसपर दोनो के बीच विवाद इतना बढ़ा कि, दोनो ने नदी में कूदकर जान देने का फैसला कर लिया। महावीर नगर निवासी राहुल उर्फ गाेपाल प्रजापत (25) और उसकी पत्नी ज्योति (23) मंगलवार को बुआ मांगूबाई निवासी फतियाबाद के यहां भाईदूज मनाने गए थे, जहां से लौटते समय क्षिप्रा नदी के पुल पर दोनो का विवाद हुआ था। बताया जा रहा है कि, राहुल और ज्योति की शादी 6 महीने पहले ही हुई थी।

प्रत्यक्षदर्शियों ने सुनाई घटना
बुधवार को दोनों बाइक से घर लाैट रहे थे। ओखलेश्वर श्मशान घाट के समीप खड़े होकर दोनों झगड़ने लगे। राहगीरों समेत समीप के खेत पर काम कर रहे ग्रामीणों ने उन्हें समझाते हुए घर जाने के लिए कहा। इसके बाद दोनों वहां से तो चल दिए लेकिन बीच पुल पर बाइक खड़ी कर फिर झगड़ने लगे। ज्याेति ने पुल पर पर्स रखा व चप्पल उतारकर नदी में कूद गई। इसके बाद राहुल ने भी छलांग लगा दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि, अब इस बात की पुष्टी नहीं की जा सकती कि, लड़के ने लड़की को बचाने के उद्देश्य से नदी में छलांग लगाई थी, या आत्महत्या के उद्देश्य से।

ढाई घंटे की मशक्कत के बाद मिला ज्योति का शव

मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। इसपर पुलिस ने होमगार्ड टीम की मदद से ढाई घंटे बाद ज्याेति का शव नदी से बाहर निकाल लिया। लेकिन, अब तक राहुल के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। ऑटोमोबाइल शोरूम पर काम करने वाले राहुल की छह महीने पहले बांसखेड़ी की ज्योति से शादी हुई थी। ज्योति का ग्रेजुएशन पूरा कराने के लिए इसी साल राहुल ने उसका एडमिशन कॉलेज में भी कराया था। जानकारी ये भी मिली है कि, घटना से दो दिन पहले ही मृतका ज्याेति का भाई उसे घर ले जाने के लिए आया था, लेकिन ससुरालवालाें ने उसे मायके भेजने से इंकार कर दिया था।

आपस में भिड़ा पति पत्नी का परिवार
पुलिस द्वारा घटना स्थल पर मिली राहुल की बाइक और ज्योति के पर्स के आधार पर दोनो की शिनाख्त हो सकी। इसी के आधार पर दोनो के परिवारों को सूचित किया गया। जानकारी लगते ही दोनो परिवार घटना स्थल पर पहुंच गए और घाट पर ही दोनो पक्षों के बीच विवाद हो गया। ज्योति का शव देखकर बिलखते हुए पिता ने राहुल के परिवार से कहा कि, अगर दो दिन पहले बेटी को मायके भेज देते तो शायद यह दिन नहीं देखना पड़ता। ससुराल वालों को नहीं छोडूंगा। उनके कारण बेटी की जान चली गई। उधर, राहुल के पिता ने कहा- मेरा तो इकलौता बेटा था। अब तक उसका तो कुछ पता ही नहीं लगा है। क्या पता मेरा बेटा मिलेगा भी या नहीं। दोनों पक्षों को समझाइश देते हुए पुलिस ने मामला शात कराया।