दोस्त के लिए छोड़ा पति-बच्चे, करवा चौथ पर यूं खत्म हो गई इनकी ऐसी प्रेम कहानी...

राजधानी लखनऊ के बंथरा में करवा चौथ के दिन एक  महिला की लाश मिली थी। पहचान छिपाने के लिए महिला का चेहरा तेजाब से जला दिया गया था। पुलिस ने आखिरकार शव की शिनाख्त कर ली और मामले का खुलासा करते हुए महिला के कथित पति को एक साथी के साथ गिरफ्तार कर लिया है। 

पति और 3 बच्चों को छोड़ आई थी लखनऊ
एसपी पूर्वी सुरेश चंद्र रावत के मुताबिक, बंथरा में सड़क किनारे मिले महिला के शव की शिनाख्त मुंबई की रहने वाली मोहसिना बानो के रूप में हुई थी। जांच में पता चला कि मुंबई में रहने वाली मोहसिना की फेसबुक पर महेंद्र नाम के एक व्यक्ति से दोस्ती हुई। ये दोस्ती इतनी बढ़ी कि 4 महीने पहले मोहसिना अपने पति और 3 बच्चों को मुंबई में छोड़कर लखनऊ आ गई। उधर, पति ने मुंबई के पवई थाने में मोहसिना की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज करा दी।

मुंबई की मोहसिना बनी खुशी गुप्ता
मोहसिना अपने फेसबुक फ्रेंड महेंद्र के साथ रहने लगी थी। लखनऊ में वह अपना नाम खुशी गुप्ता बताती थी। हिंदू रीति-रिवाज के मुताबिक, वह सिंदूर लगाती थी और मंगलसूत्र भी पहनती थी। महेंद्र ने मोहसिना उर्फ खुशी के लिए बंथरा में एक मकान लिया था, जहां दोनों रहते थे। 

करवा चौथ के दिन नहीं आया महेंद्र, मोहसिना ने कर ली आत्महत्या
मोहसिना ने महेंद्र के लिए करवाचौथ का व्रत रखा था। खुशी चाहती थी कि महेंद्र उसका व्रत खुलवाए, लेकिन वह नहीं आया। अगले दिन खुशी ने आत्महत्या कर ली। 18 अक्टूबर को महेंद्र जब घर पहुंचा तो वहां खुशी की लाश पड़ी थी। उसने मोहसिना उर्फ खुशी की पहचान मिटाने के लिए तेजाब से उसका चेहरा जलाया और लाश को सड़क किनारे फेंककर फरार हो गया था। महेंद्र ने बताया कि वह हफ्ते में दो दिन मोहसिना के पास और बाकी दिन अपनी पत्नी के पास अमेठी में रहता था। पुलिस ने कॉल डिटेल के आधार पर मामले का खुलासा कर दिया है।