ये है असल जिंदगी के दबंग आदमी, आधी रात किया ऐसा काम देशभर में बन गए मिसाल

भिलाई जिले में ड्यूटी खत्म करके आधी रात घर लौट रहे पुलिस अधिकारी ने बीच सड़क सेवा और कर्तव्यनिष्ठा की अनोखी मिशाल पेश की। मेरी ड्यूटी खत्म हो गई है, मेरा थाना क्षेत्र नहीं है, मुझे क्या करना, जैसी बातें सोचकर अगर कुम्हारी थाना टीआई आशीष यादव रात के 12.45 बजे आम लोगों की तरह गाड़ी से आगे बढ़ जाते तो त्योहार के दिन शहर जल रहा होता। दरअसल शुक्रवार, 25 अक्टूबर की रात जब वे घर लौट रहे थे तब डंपर की चपेट में आकर एक युवक की मौत हो गई थी और दो युवक घायल अवस्था में पड़े हुए थे। मौत से आक्रोशित भीड़ गाडिय़ों को फूंकने पर आमदा थी। तब स्वयं का थानाक्षेत्र न होने के बावजूद भीड़ को नियंत्रित करने अकेले जुटे रहे जब तक मौके पर पुलिस बल नहीं पहुंच गई।

डंपर में फंसे थे बाइक सवार युवक

टीआई आशीष यादव ने बताया कि ड्यूटी के बाद पुरानी पुलिस लाइन दुर्ग के अपने घर जा रहे थे। गांधी चौक दुर्ग पहुंचे थे कि देखा कि दुर्ग-रायपुर रोड पर कई गाडिय़ां खड़ी हैं। दोनों तरफ जाम लगा हुआ है। अपनी कार को किनारे खड़ी किया और घटना का जायजा लिया। डायल 112 और दुर्ग कोतवाली पेट्रोलिंग के जवान वहां मौके पर डटे हुए थे। भीड़ उनसे बहस कर रही थी। देखा तो डंपर के नीचे एक युवक बाइक समेत फंसा हुआ था।

आक्रोशित भीड़ का अकेले किया सामना 
टीआई ने तत्काल भीड़ को इधर-उधर किया। लोगों को शांत कराया। जवानों और भीड़ की मदद से डंपर में फंसे युवकों को बाहर निकाला। दोनों घायलों को तत्काल स्ट्रेचर से दुर्ग जिला अस्पताल पहुंचाया। कुछ लोग शव को उठाने नहीं दे रहे थे। यादव ने लोगों को समझाया तो उनका आक्रोश कुछ कम हुआ। शव को मॉच्र्युरी पहुंचाया। वापस आकर देखा तो लोग डंपर पर पत्थरबाजी कर रहे थे। आक्रोशित भीड़ डीजल छिड़ककर दो गाडिय़ों को फंूकने जा रही थी।

यादव ने भीड़ को संभाले रखा और तत्काल 

उच्चाधिकारियों को सूचना दी। इतने में लाइन से मौके पर बल पहुंच गई। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद भीड़ का समझाने में सफल हुए। टीआई की सक्रियता ने दो गाडिय़ों को आग के हवाले होने से बचा लिया गया। वर्ना बड़ा हादसा हो सकता था। साथ अगली सुबह दिवाली के दिन पूरा शहर जलने से बचा लिया।