68.84 लाख का बिजली बिल देख उड़े होश, ठीक कराने गया तो भेज दिए 1.10 करोड़ का बिल और फिर....

सरकारी विभागों में काम में लापरवाही जरूर की जाती है, लेकिन यहां बिजली निगम के अधिकारियों ने लापरवाही की सभी हदें पार कर डाली हैं। एक मकान का पांच महीने पहले बिजली बिल 68.84 लाख रुपये भेज दिया गया, जिसे देखकर मकान मालिक के होश उड़ गए और उसे ठीक कराने के लिए अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर काटने लगा। उसे अगला बिल ठीक करके भेजने का पूरा आश्वासन दिया गया, लेकिन अब उसका दोबारा बिल आया तो उसके पैरों तले से जमीन खिसक गई, क्योंकि उसका बिल 1.10 करोड़ आया है और इस तरह बिजली निगम की लापरवाही देखकर उसने सीएम विंडो पर शिकायत करके अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई है। 
सोनीपत के विशाल नगर में रहने वाले कृष्ण कुमार ने 80 गज जमीन में मकान बनाया हुआ है, जिसमें दो कमरे हैं, रसोई और बाथरूम है। परिवार में कृष्ण कुमार के अलावा उसकी पत्नी और दो बच्चे हैं। कृष्ण कुमार इलेक्ट्रिशियन है और घर के पास ही दुकान करते हैं, जिसके सहारे परिवार का गुजारा होता है। उनके मकान का बिल पहले एक हजार से 1300 रुपये तक आता था, लेकिन उनके यहां मीटर में खराबी हुई तो बिजली निगम के कर्मचारियों ने उसे बदल दिया। उसके बाद जुलाई 2019 में पहला बिल आया तो कृष्ण कुमार के उसे देखकर होश उड़ गए।
वह बिल 68.84 लाख रुपये का भेज दिया गया। कृष्ण ने तुरंत ही बिल पर लिखे बिजली निगम के नंबर पर फोन करके शिकायत दर्ज कराई तो उसे बिल दो दिन में ठीक करने का आश्वासन दिया गया। उसके बाद कृष्ण ने दोबारा फोन किया तो फिर से जल्द ही बिल ठीक करने की बात कही गई। जिसके बाद कृष्ण खुद ही बिजली निगम कार्यालय में पहुंचा तो उसे अगला बिल ठीक भेजने की बात कहकर वापस भेज दिया गया। 

अब दोबारा से बिल आया तो कृष्ण के पैरों तले से जमीन खिसक गई, क्योंकि उसका बिल 1.10 करोड़ रुपये का भेज दिया गया। इस तरह पहले गलत बिल आने पर ठीक कराने के लिए चक्कर काटने के बाद उसकी समस्या को ज्यादा बढ़ा दिया गया। अब कृष्ण कुमार ने बिजली निगम में शिकायत देने के साथ ही सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज कराई है और इस तरह की लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। कृष्ण कुमार का कहना है कि पिछले कई महीनों से इस कारण पूरा परिवार परेशान चल रहा है और वह धक्के खाकर थक चुका है, लेकिन बिल को ठीक नहीं किया जा रहा है।