गैंगस्टर को पकड़ने के लिए इंस्पेक्टर बन गईं दुल्हन, और फिर यूं किया उसको गिरफ्तार....

उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में हत्या, डकैती के 15 मामलों में फरार चल रहे खूंखार हत्यारोपी बालकिशन को मध्य प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन खूंखार हत्यारोपी बालकिशन को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस को क्या-क्या जतन नहीं करने पड़े इसका उदाहरण मध्य प्रदेश के छतरपुर पेश हुआ। दरअसल, 10 हजार रुपए के इनामी गैंगस्टर बालकिशन को पकड़ने के लिए छतरपुर थाने में तैनात महिला सब-इंस्पेक्टर दुल्हन बनना का नाटक रचा।

सलवार-सूट में भेजी थी फोटो
मामाल मध्य प्रदेश के छतरपुर का है। नौगांव थाना पुलिस पिछले काफी समय से बालकिशन की तलाश कर रही थी, लेकिन वो पुलिस टीम के हाथ नहीं आ रहा था। इसको पकड़ने के लिए सब-इंस्पेक्टर माधवी अग्निहोत्री (28) को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जिसके बाद पुलिस ने चौबे को फेसबुक अकाउंट के जरिए ट्रैक करना शुरू किया। इतना ही नहीं सब-इंस्पेक्टर माधवी अग्निहोत्री ने किसी व्यक्ति के जरिए सलवार-सूट पहने हुए अपनी फोटो आरोपी के पास भिजवाई। फोटो देखने के बाद दोनों में बात-चीत शुरू हो गई।

फोन पर तीन दिन की बात
सब-इंस्पेक्टर माधवी अग्निहोत्री ने 'राधा' बनकर बालकिशन चौबे से फोन पर तीन दिन बात की और अपने जाल में फंसा लिया। फोन पर बात-चीत के बाद बालकिशन ने 'राधा' के सामने शादी का प्रस्ताव रख दिया। चौबे ने उससे शादी से पहले एक बार मिलने के लिए कहा और यूपी-एमपी की सीमा पर एक गांव के मंदिर में मिलना तय हुआ। लेकिन बालकिशन को यह नहीं पता था कि गुरुवार को मंदिर में जिस राधा से मिलने वह पहुंचा था वह एक पुलिसकर्मी है। जब चौबे बाइक पर आया और गुलाबी सलवार-कुर्ता पहने एक महिला को देखकर उसकी तरफ बढ़ा। पहले से ही इंतजार कर रहे पुलिसकर्मियों ने फौरन उसे धर दबोचा। माधवी ने बताया, 'जैसे ही मैंने उससे कहा 'राधा आ गई' उसके होश उड़ गए।

उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश पुलिस को थी तलाश
बता दें कि पुलिस को चौबे की तलाश उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में हत्या और डकैती के 15 मामलों में थी। हर बार छत्तरपुर की पुलिस उसे गिरफ्तार करने के बेहद करीब पहुंच जाती थी लेकिन हर बार वह बच निकलता था। थाना प्रभारी बैजनाथ शर्मा ने बताया कि उत्तर प्रदेश के खमा गांव का रहने वाला है।

गोल्ड मेडलिस्ट है माधवी

यूनिवर्सिटी नैशनल चैंपियनशिप में माधवी को गोला-फेंक और दूसरी प्रतियोगिता में गोल्ड मिला था। माधवी ने बताया, 'मुझे पता चला कि वह हथियार चलाने से पहले कभी नहीं सोचता था। मुझे यह भी पता चला कि उसे महिलाओं में दिलचस्पी थी।'