किसी और लड़के संग जिंदगी बिताने का बनाया प्लान, लेकिन सब जान गए पापा और फिर जो हुआ...

एक पिता ने अपनी बेटी की निर्मम हत्या इसलिए कर दी, क्योंकि उसकी बेटी ने अपनी पसंद के व्यक्ति से शादी करने की इच्छा जताई थी। उसने अपनी बेटी की हत्या कर उसके शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। वह बेटी के शव के टुकड़ों को सूटकेस में भरकर उसे ठिकाने लगाने जा रहा था लेकिन पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस ने आरोपित अरविंद तिवारी को 22 वर्षीय बेटी प्रिंसी की निर्मम हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।
मामला मुंबई के ठाणे जिले का है। आरोपित अरविंद को अपनी बेटी की अपनी पसंद से शादी करने की बात इतनी नागवार गुजरी कि उसने बड़े ही निर्मम तरीके से उसकी हत्या कर दी। ना सिर्फ उसकी हत्या की बल्कि तीन टुकड़ों में उसके शरीर को काटा और उसे एक सूटकेस में भर कर ठिकाने लगाने का प्लान बनाया। पुलिस को हालाँकि शव का एक ही निचला हिस्सा बरामद हुआ जो सूटकेस में रखा गया था। आरोपित खुद अपनी बेटी की हत्या कर शरीर के आधे अंग को ठिकाने लगाने की फिराक में था।

बताया जा रहा है कि मृतक लड़की लगभग 6 महीने पहले यूपी के जौनपुर से शहर आई थी और भांडुप में जॉब कर रही थी। जहाँ उसे मुस्लिम समुदाय के एक सहकर्मी से प्यार हो गया और वह उससे शादी करना चाहती थी। मगर उसके पिता को यह मंजूर नहीं था। लड़की के पिता अरविंद तिवारी पर आरोप है उसने उसकी हत्या कर दी और शरीर को कई टुकड़ों में काटकर सूटकेस में भर दिया।
इसके बाद आरोपित ने अपनी बेटी प्रिंसी के शव के टुकड़ों को ठिकाने लगाने के लिए रविवार (दिसंबर 8, 2019) सुबह साढ़े पाँच बजे के करीब लाश का आधा हिस्सा बैग में भर कर आटो- रिक्शे से टिटवाला स्टेशन आया। वहाँ से उसने कल्याण रेलवे स्टेशन के लिए ट्रेन ली। कल्याण रेलवे स्टेशन आने के बाद उसने भिवंडी जाने के लिए दोबारा से रिक्शा लिया। उसने भिवंडी में लाश के टुकड़े को ठिकाना लगाने की योजना बनाई थी। लेकिन इस दौरान आटो-रिक्शा चालक ने उससे पूछ लिया कि बैग में क्या है, क्योंकि उसके बैग से बदबू आने लगी थी। जिसके बाद आरोपित बाग घबराकर बैग ऑटो-रिक्शा में ही छोड़कर फरार हो गया।

ऑटो चालक को शक हुआ और उसने अन्य ऑटो ड्राइवर के साथ ही स्थानीय महात्मा फुले पुलिस स्टेशन को सूचित किया। जिसके बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुँची और बैग खोला, जिसमें युवती के शरीर का निचला आधा हिस्सा था। इसके बाद अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था। ठाकरे और एपीआई अविराज कुराडे सहित स्थानीय क्राइम ब्रांच (यूनिट I) की टीम ने मामले में जाँच शुरू की और रेलवे स्टेशन के आसपास के सीसीटीवी कैमरों से आरोपित की तलाश करनी शुरू कर दी।
ट्रैक करते हुए पुलिस टीम ने पाया कि आरोपित कल्याण रेलवे स्टेशन से आया था। सीसीटीवी फुटेज में आगे पुलिस ने पाया कि उसने कल्याण रेलवे स्टेशन आने के लिए टिटवाला से एक ट्रेन ली थी। फिर सीसीटीवी फुटेज को खंगालने के बाद पुलिस ने पाया कि वह एक ऑटो-रिक्शा में रेलवे स्टेशन पर आया था। फिर उस ऑटो चालक को ट्रैक किया गया जिसने पुलिस को बताया कि तिवारी ने तिवाला के इंदिरा नगर इलाके से ऑटो लिया था। ऑटो चालक से कुछ पूछताछ करने के बाद पुलिस ने एक स्केच बनाया और स्थानीय लोगों से उस व्यक्ति के बार में पूछताछ की गई तो उसकी पहचान अरविंद तिवारी के रूप में हुई।

इसके बाद पुलिस तिवारी के घर गई। वहाँ पुलिस ने उससे उसकी बेटी के बारे में पूछा। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरूआत में तो उसने बात को घुमाने और टाल-मटोल करने की कोशिश की, लेकिन फिर बाद में उसने कबूला कि उसने अपनी बेटी की हत्या की है। क्राइम ब्रांच पुलिस के सामने उसने कबूला कि मृतका उसकी 22 साल की बेटी थी और वह किसी अन्य समुदाय के युवक को पसंद करती थी जो उसे पसंद नहीं था। इसके चलते अक्सर बाप-बोटी में झगड़े होते रहते थे। तिवारी ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि उसने किसी अन्य समुदाय के व्यक्ति के साथ अपनी बेटी के संबंध को मंजूरी नहीं दी थी। 

लेकिन फिर भी वो उसके साथ शादी करने के लिए तैयार थी, जिसके बाद उसने उसे मारने का फैसला किया। ठाणे सिटी पुलिस के सीनियर इंस्पेक्टर, क्राइम ब्रांच (यूनिट I) नितिन ठाकरे ने कहा, “हम अभी भी इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं है कि उसने उसे कैसे मारा। फिर बाद में तिवारी ने उसके शरीर को कई हिस्सों में काट दिया और उसे एक सूटकेस में भर दिया। उसने सूटकेस में कुछ हिस्से डाले थे जो हमें मिले हैं। हम अभी भी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि शरीर के बाकी हिस्सों को कहाँ रखा गया है।” क्राइम ब्रांच ने आरोपित को स्थानीय पुलिस स्टेशन को सौंप दिया है जो उसे रिमांड के लिए अदालत में पेश करेगा।