जिस घर में शहनाई की हो रही थी तैयारी, वहां छा गया मातम, जानिए ऐसा क्या हुआ...

गोरखपुर के सिघड़ियां इलाके के यहां जिस घर में मौत का मातम छाया है वहां पर शादी के खुशियों की तैयारी चल रही थी। यहां मृतक दिवाकांत पांडेय के छोटे भाई रजनीकांत की मई में शादी होनी है। बस इसी के लिए घर का निर्माण तेजी से हो रहा था। छुट्टी लेकर दिवाकांत घर बनवा रहे थे। अपने काम के सुध में हाईटेंशन तार पर नजर नहीं गई। हादसे में उनकी व दो मजदूरों की जिंदगी पलक झपकते ही खत्म हो गई।
पत्नी प्रियंका को पति के अस्पताल में होने की जानकारी दी गई थी। लेकिन उसे कौन बताए यह हिम्मत किसी के पास नहीं थी और शाम में जैसे ही उसे मौत की जानकारी दी गई वह बेसुध होकर गिर पड़ी। किसी तरह से वहां मौजूद लोगों ने संभाला। गोद में एक माह की बेटी और पांच साल की बेटी को दूसरे के घर रखा गया है। अपने पति को खोने के गम में गुमसुम पत्नी घर के कोने में पड़ी है। उसके माता-पिता और रिश्तेदार उसे समझाने की कोशिश में लगे रहे।

दो बच्ची के पिता थे दिवाकांत
दिवाकांत पांडेय की शादी सिघड़िया के समीप अभिषेक नगर में हुई थी और वह अपने पीछे पत्नी प्रियंका, पुत्री नंदन (5) तथा एक माह की पुत्री गुड़िया को छोड़ा है। दिवाकांत दो भाइयों में बड़े थे छोटा भाई रजनीकांत रांची में सेंट्रल यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं और इनकी शादी मई में होना तय हुई है। इनको घटना की सूचना दे दी गई है। मृतक के पिता ओमप्रकाश पांडेय मूलरूप से यहां देवरिया जनपद के रूद्रपुर थाना क्षेत्र स्थित पिपरा कछार के निवासी हैं यहां मकान बनवाकर सपरिवार रहते हैं।

बेटे का शव देखकर बेहोश हो गई मां
हादसे में मरे गए रामलखना गांव के मजदूर शिव निषाद की मां सोनमती देवी बेटे का शव देखते ही बेहोश हो गई। सोनमती देवी दो बेटे शिवानंद, देवानंद बैंगलोर में मजदूरी करके जीवन यापन करते हैं।