बेटी के मोहब्बत से तंग आकर माता पिता ने किया ऐसा गलत काम और फिर जो हुआ....

प्रेस वार्ता कर हत्या का खुलासा करते एसपी देहात
अतरौली कोतवाली क्षेत्र के गांव आलमपुर कायस्थान में कक्षा नौ में पढ़ने वाली 14 वर्षीय डीना की तीन दिसंबर को हत्या उसके माता-पिता ने ही दुपट्टे से गला घोंटकर की थी। सुबह हत्या करने के बाद पिता ने शाम को बेटी के अपहरण की अफवाह फैलाई। इसके बाद रात में अपने बड़े भाई के सहयोग से शव को वह अमरूद के बाग में फेंक आया था। आरोपी डीना के प्रेम प्रसंग को लेकर नाराज थे। पुलिस ने आरोपी माता-पिता के साथ ताऊ को भी गिरफ्तार कर लिया है। आलमपुर गदाई तिराहा स्थित अमरूद की बाग में चार दिसंबर की सुबह शव मिला था। 
डीना के पिता ने गांव के ही रामू पुत्र जीतू के खिलाफ बेटी की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसपी देहात अतुल शर्मा के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि डीना की मौत शव मिलने से एक दिन पहले ही हो गई थी। उसके पेट में खाना भी नहीं था। इससे यह स्पष्ट हो गया कि डीना की हत्या रात में नहीं बल्कि दिन में की गई थी। इस पर पुलिस का शक परिवार वालों पर गहराता चला गया। जांच के दौरान पुलिस ने कई बार परिवार वालों से पूछताछ की। इसी बीच डीना की मां सरबती देवी, पिता प्रकाश चंद्र और ताऊ वेदप्रकाश पुत्र महावीर सिंह कहीं भागने की फिराक में अतरौली में बरी के अड्डे पर खड़े थे, तभी कोतवाल राजीव सिरोही व एसआई रवेंद्र सिंह ने पकड़ लिया।

लोगों के तानों से तंग आकर की डीना की हत्या
पुलिस की पूछताछ में माता-पिता ने बताया कि बेटी के प्रेम संबंध को लेकर गांव वाले ताने मारते थे। रामू पुत्र जीतू से डीना के संबंध थे। कई बार समझाने के बावजूद डीना नहीं मानी। पिता प्रकाश चंद्र के अनुसार तीन दिसंबर की सुबह भी लोगों ने डीना को लेकर छींटाकशी की थी। इसी पर गुस्से में वह घर पहुंचे और पत्नी के साथ मिलकर डीना के दुपट्टे से ही गला घोंटकर हत्या कर दी थी। शव को घर में कपड़ों के बीच छिपा दिया था।
इसके बाद एक पुराने मुकदमे की तारीख में वह अतरौली स्थित न्यायालय चले गए। शाम घर लौटने पर डायल 112 पर बेटी के लापता होने की सूचना दी। गांव वालों को शक न हो इसलिए शाम सात बजे ही बेटी के अपहरण की अफवाह गांव में फैला दी ताकि पुलिस पूछताछ करे तो गांव वाले अपहरण की बात कहें। इसके बाद रात 10:30 बजे भाई वेदप्रकाश के सहयोग से गांव के बाहर अमरूद के बाग में शव फेंक आए थे।