लालची दामाद की ससुर ने सुनाई आपबीती, हकीकत जानकर खड़े हो जाएगें रोंगटे...

संपत्ति की लालच में दामाद के सिर पर खून सवार था। वह मेरी पत्नी के साथ ही हमें भी मार डालने की फिराक में था। यह कहते हुए नरेश लाल बृहस्पतिवार को बीएचयू स्थित पोस्टमार्टम हाउस पर बिलख रहे थे। नरेश ने कहा कि यदि वह मौके पर होते तो दामाद उन्हें भी जिंदा जला देता। उधर, सास पूनम को जिंदा जलाने के आरोपी दामाद उमापति झा का वारदात के दूसरे दिन भी पता नहीं लगा। पुलिस उसकी तलाश में उसके दोस्तों और करीबियों के घर पर छापेमारी कर रही है। इसके साथ ही भेलूपुर थाने की एक टीम उमापति की तलाश में उसके घर बिहार के मधुबनी भेजी गई है।
 
भेलूपुर थाना अंतर्गत मानस नगर एक्सटेंशन में रहने वाले नरेश लाल की पत्नी पूनम के ऊपर बुधवार को पेट्रोल उड़ेल कर उनका दामाद उमापति झा ने जिंदा जला दिया था। बीएचयू अस्पताल में उपचार के दौरान देर शाम पूनम की मौत हो गई थी। रिश्तेदारों से घिरे नरेश ने कहा कि संपत्ति की लालच में उमापति ने उनकी बेटी से विवाह किया था। वह धीरे-धीरे उनकी पूरी संपत्ति पर कब्जा करना चाहता था। तीन साल पहले छोटी बेटी के शादी के दौरान उन्होंने अपनी जमीन का एक हिस्सा बेचा तो उसे भी उमापति ने ही रख लिया था।
 
पैसा मांगने पर नाराज हो जाता था। अपने मकान के निर्माण कार्य के लिए जमीन बेचकर पैसे देने को कहता था। उसकी मांगें पूरी न हो पाई तो उसने पूनम को जिंदा जला दिया। नरेश को रिश्तेदार ढांढस बंधा रहे थे, लेकिन उनका बिलखना देख सभी की हिम्मत जवाब दे जा रही थी। नरेश ने बताया कि उनका दामाद कोचिंग में पढ़ाकर प्रतिमाह 60 हजार रुपये कमाता था। हालांकि उसका खर्च एक लाख रुपये प्रतिमाह से ज्यादा था। ज्यादा खर्च करने के चक्कर में उसको हमेशा पैसे की जरूरत पड़ती थी और फिर उन्हें परेशान करता था। उमापति के व्यवहार के बारे में यदि थोड़ी सी भी भनक लगी होती तो उससे बेटी की शादी कभी नहीं करते।