रिश्तेदार बनकर लुटेरों ने व्यापारी की पत्नी और पौत्री को बंधक बना मुंह में कपड़ा ठूस 11 लाख लूटे

उन्नाव की बांगरमऊ कोतवाली से डेढ़ किमी दूर शनिवार को दोपहर में दिनदहाड़े कपड़ा व्यापारी के घर रिश्तेदार बनकर पहुंचे तीन लुटेरों ने उनकी पत्नी और 10 साल की पौत्री को तमंचे के बल पर हाथ पैर बांधकर उनके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। लुटेरे पांच लाख रुपये नगदी और छह लाख रुपये के जेवर लूटकर भाग गए। दोपहर एक बजे गृहस्वामी व्यापारी खाना खाने घर पहुंचा तब घटना की जानकारी हुई।
बांगरमऊ कस्बे के मोहल्ला गुलाम मुस्तफा निवासी नूर हसन की कस्बे में ही हरदोई-उन्नाव मार्ग पर रेडीमेड कपड़े की दुकान है। शनिवार सुबह वह अपने बेटे मुकर्रम के साथ रोज की तरह दुकान पर थे। घर पर नूरहसन की पत्नी माजिदा और 10 साल की पौत्री इकरा मौजूद थी। दोपहर लगभग 12 बजे तीन युवक पैदल उसके घर पहुंचे। माजिदा के अनुसार तीनों ने खुद को सफीपुर के जमालनगर निवासी उसकी विवाहित बेटी चंदा पत्नी अनीश का रिश्तेदार बताया।

बेटी के ससुराल से आने की बात सुन माजिदा ने सभी को घर के भीतर आने दिया और पौत्री से मोहल्ले में ही स्थित दुकान से नाश्ता मंगाया। खुद चाय बनाने रसोई में चली गईं। इसी दौरान तीनों बदमाशों ने रसोई घर में ही माजिदा को दबोच लिया और कनपटी पर तमंचा लगा उसे बांधकर घर की चाबियां कब्जे में ले लीं। इसी बीच पौत्री इकरा भी नाश्ता लेकर आ गई तो लुटेरों ने मुख्य दरवाजा भीतर से बंद कर पौत्री इकरा को भी रस्सी से हाथ-पैर बांधकर डाल दिया। दोनों ने चीखने का प्रयास किया तो मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और मारपीट कर फर्श पर लिटा दिया। 

इसके बाद लुटेरे दूसरी मंजिल पर कमरे में अलमारी व बक्सों के ताले खोलकर 5 लाख की नगदी और करीब 6 लाख कीमत के जेवर लूट ले गए। दोपहर एक बजे नूरहसन खाना खाने घर पहुंचा तो घर का मुख्य दरवाजा खुला मिला। उसने पत्नी को आवाज लगाई। कोई उत्तर न मिलने पर कमरे में दाखिल हुआ तो फर्श पर पत्नी और पौत्री को बंधा हुआ देखकर सन्न रह गया। पत्नी व पौत्री के हाथ-पैर खोले। पुलिस को सूचना दी। सीओ बांगरमऊ गौरव त्रिपाठी व प्रभारी कोतवाली सुरेश पटेल के साथ ही एएसपी धवल जायसवाल भी घटनास्थल पर पहुंच गए। तहरीर के आधार पर अज्ञात लोगों के विरुद्ध लूट की रिपोर्ट दर्ज की गई।