जिंदगी की जंग हार गया मनोज, 17 घंटे के बाद मलबे से निकला जा सका शव

पूरे 17 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद भी मनोज की जिंदगी नहीं बचाई जा सकी। गुरूवार की सुबह 11 बजे जब उसे मलबे से बाहर निकाला गया, तब तक उसकी सांसें थम हो गई थी । मनोज को बचाने के लिये एक तरफ जहां रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा था, दूसरी तरफ लोग दुआ भी मांग रहे थे । मनोज बुधवार की शाम कच्चा कुआं धंस जाने के कारण मिट्टी के मलबे में दब गये थे, जिसके बाद से लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा था। 
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मड़िहान थाना क्षेत्र के बेलहरा धनावल गांव के रहने वाले मनोज कुमार दुबे पुत्र स्व0 राम नारायण दुबे बुधवार की शाम अपने कुएं पर लगे पंपसेट को बंद करने गए थे, उसी दौरान कच्चा कुआं धंस जाने के कारण वह मिट्टी में दब गए । ग्रामीणों की सूचना के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जिसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ । जेसीबी मशीन और पोकलैंड मशीन की सहायता से लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया गया । रात का अंधेरा और कुएं से पानी लगातार निकलने के कारण रेस्क्यू टीम को काफी परेशानी भी उठानी पड़ी। कुछ देर के लिये रेस्क्यू ऑपरेशन को रोकना भी पड़ा। गुरूवार की सुबह एक बार फिर से रेस्क्यू टीम जुटी और जेसीबी मशीन और कुएं से पानी निकालने वाली मशीन की सहायता से रेस्क्यू अभियान चलाया गया। 
लगभग सुबह 11 बजे मनोज कुमार दुबे को रेस्क्यू करके बाहर निकाल लिया गया, लेकिन तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी । इस ऑपरेशन के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और पुलिस कर्मी मौजूद रहे। डीएम सुशील पटेल, पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह सहित बड़ी संख्या में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी इस दौरान घटनास्थल पर पहुंचकर पल पल का अपडेट लेते रहे । मौके पर पहुंचे ऊर्जा राज्य मंत्री रमाशंकर पटेल और डीएम ने परिजनों को तत्काल प्रशासनिक सहायता देने का निर्देश दिया। मंत्री के मुताबिक 5 लाख रुपये की सहायता तत्काल देने का निर्देश दिया गया है।