मां को मारने के बाद कर लिया खुद का आत्महत्या, उसके सिर पर था 32 लाख रुपये का कर्ज...

यहां कर्ज से परेशान विनोद कुमार (40) ने खौफनाक कदम उठाते हुए पहले अपनी मां की गोली मारकर हत्या कर दी और फिर खुद को भी गोली मार ली। घटना अबोहर की उपतहसील सीतो गुन्नो के गांव मेहराणा की है। सरकारी नौकरी और किसानी करने वाले विनोद पुत्र सतीश चंद्र पर बैंक का करीब 32 लाख रुपये का कर्ज था। कुछ समय से वह इसकी किश्त नहीं चुका पा रहा था। इसी से परेशान होकर वीरवार को उसने पहले अपनी मां राधा देवी को गोली मारी और फिर आत्महत्या कर ली। मौके पर पहुंची पुलिस की टीम मामले की जांच कर रही है। विनोद के मामा के लड़के की सूचना पर डीएसपी संदीप सिंह, थाना के प्रभारी गुरचरण सिंह, सीता चौकी के प्रभारी दविंदर सिंह मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी। 
बताया जा रहा है कि विनोद की दो बेटियां हैं। घटना के बाद उसकी पत्नी का रोकर बुरा हाल था। विनोद खुद डाकघर में सरकारी नौकरी करता था और उसका खुद का 11 एकड़ का किन्नू का बाग था। हालांकि लाखों रुपये के बैंक कर्ज के कारण वह परेशान रहने लगा और अंततः ये खौफनाख कदम उठा डाला। गांव के सेवानिवृत अध्यापक स्व. जगदीश बिश्रोई का पुत्र विनोद गांव भाईका केरा के डाकघर में कैशियर था। उसका अपने गांव से कुछ दूर 11 एकड में किन्नू का बाग है। उसने बैंक से करीब 35 लाख रुपये का कर्ज लिया था और वह कर्ज की अदायगी नहीं कर पा रहा था। इस कारण वह परेशान रहता था।

वीरवार सुबह वह मां राधा देवी (60) के साथ रखवाली के लिए बाग में गया था। करीब साढे 12 बजे उसने अबोहर के एक कालेज में लेक्चरर अपने मामा के बेटे धर्मवीर को फोन कर बताया कि वह परेशान है और आत्महत्या करने जा रहा है और अपनी मंशा बताई। धर्मवीर ने उसे रोका और ऐसा न करने को कहा तो उसने फोन काट दिया। इसके बाद अपनी मां को गोली मारने के बाद खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इधर, कुछ देर बाद जब धर्मवीर मौके पर पहुंचा तो उसने दोनों को बाग में मृत पड़ा देखा। उसने घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी। पुलिस ने दोनों शवों को सिविल असपताल की मोर्चरी में भिजवाते हुए मौके से इस्तेमाल की गई लायसेंसी पिस्टल भी बरामद कर ली है।