कमाल की हत्या के बाद पत्नी ने 4 द‍िन घर में छ‍िपाए रखा था शव, अब जानें कैसे पता चला...

लखनऊ के सआदतगंज के हबीबपुर में युवक कमाल अहमद की हत्या कर शव को संदूक में भरकर बस्ती ले जाने के मामले में चौंकाने वाली बात सामने आई है। पुलिस की छानबीन में कमाल अहमद की हत्या के पीछे उनकी पत्नी गुडिय़ा की संलिप्तता उजागर हुई है। सीओ चौक डीपी तिवारी के मुताबिक गुडिय़ा और उसके रिश्तेदार निजामुद्दीन से पूछताछ की जा रही है। ठाकुरगंज पुलिस ने गुरुवार को फॉरेंसिक टीम के साथ हबीबपुर स्थित कलाम के घर में छानबीन की और साक्ष्य जुटाए। पड़ताल के दौरान गुडिय़ा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
तीन को घर के बाहर टहलते दिखे थे कमाल। स्थानीय लोगों के मुताबिक तीन जनवरी की शाम को कमाल घर के बाहर टहलते हुए दिखे थे। इसके बाद से किसी ने उन्हें नहीं देखा। पूछताछ में पता चला है कि तीन जनवरी की रात  निजामुद्दीन ने कमाल की हत्या कर दी थी। इसकी जानकारी गुडिय़ा को भी थी। गुडिय़ा की मदद से आरोपित शव को संदूक में भरकर मंगलवार देर रात निकला था, जिसे जांच के दौरान बस्ती जिले के कटरा बड़ेवन चौकी इंचार्ज विनोद कुमार यादव ने पकड़ लिया था।
राजाजीपुरम निवासी आरोपित निजामुद्दीन ने पुलिस को बताया कि कमाल ने उससे रुपये लिए थे, जिसे वह वापस नहीं कर रहा था। इसी बात को लेकर उसकी कमाल से लड़ाई हो गई थी और उसने उसकी हत्या कर दी। सूत्रों के मुताबिक कमाल का एक और मकान रोशन नगर में था, जिसे वह बेचना चाहता था। इसके लिए उसने दो जनवरी को कुछ लोगों से 50 हजार रुपये बतौर पेशगी भी ली थी। गुडिय़ा नहीं चाहती थी कि कमाल वह मकान बेचे। इसको लेकर दोनों में विवाद भी हुआ था। गुडिय़ा के साथ उसका भाई भी रहता था। पुलिस अन्य बिंदुओं पर भी छानबीन कर रही है।
मूलरूप से बिहार के सीवान जिला स्थित हरिहास गांव निवासी कमाल अहमद ने घरवालों से पहले ही अनहोनी की आशंका जता दी थी। पड़ोसी ने बताया कि कमाल ने घरवालों से कहा था कि अगर उनका फोन बंद मिले तो वह लोग समझ लें कि उनके साथ कोई घटना हो गई है। पुलिस के मुताबिक आरोपितों ने तीन जनवरी की रात से सात जनवरी तक शव को घर में ही छिपाए रखा था। सीओ चौक का कहना है कि पुलिस संपत्ति विवाद, प्रेम प्रसंग, लेन-देन व रंजिश समेत कई दिशाओं में छानबीन की जा रही है। आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।