गाजीपुर में नकल कराने के आरोप में प्रिंसिपल सहित 5 लोगों को किया गया गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में टीईटी परीक्षा  में पेपर आउट करने की बड़ी साजिश की गई है। छावनी लाइन स्थित बुद्धम शरणम इंटर कॉलेज में नकल कराने के आरोप में प्रिंसपल सहित चार लोगों को पकड़ा है। पकड़े गए प्रिंसपल पारस सिंह पर आरोप है कि वह अभ्‍यर्थियों के पेपर हल करवा रहे थे। यहां व्हाट्सएप के जरिये पहली पाली का पेपर आउट किये जाने की कोशिश की जा रही थी। एसटीएफ का दावा है कि पेपर आउट करने से पहले ही उसने आरोपियों को पकड़ लिया और उनकी साजिश नाकाम कर दी।
मामला गाजीपुर के बुद्धम शरणम इंटर कॉलेज का है। यहां के प्रिंसिपल समेत 5 लोगों को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। प्रिंसिपल पारस सिंह कुशवाहा, चंद्रभान कुशवाहा, अजीत कुशवाहा, चंद्रपाल कुशवाहा और क्लर्क सियाराम यादव को गिरफ्तार किया गया है। इन पर आरोप है कि प्रश्नपत्रों को मोबाइल से स्कैन कर डेढ़ लाख रुपये में बेचने की कोशिश में थे। गिरफ्तार अजीत के मोबाईल में स्कैन किए प्रश्नपत्र बरामद किए गए हैं। पता चला है कि प्रिंसिपल 2016 में यूपी पालीटेक्निक एंट्रेंस में जेल जा चुका है। सुबह पेपर शुरू होते ही एसटीएफ ने गोपनीय सूचना के आधार पर कॉलेज पर छापा मारा तो इसका खुलासा हो सका।

गाज़ीपुर के एसपी अरविंद चतुर्वेदी ने बताया कि प्रिंसिपल पारस कुशवाहा के रिश्तेदारों का परीक्षा के दिन कॉलेज कैम्पस में होना ही अपराध है, जबकि वे कॉलेज के स्टाफ भी नहीं है। एसटीएफ ने अच्छा काम किया है। अभी तक की जांच में पेपर के आउट होने की आशंका नहीं है फिर भी मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। सभी आरोपियों से कोतवाली में पूछताछ की जा रही है।

टीईटी की परीक्षा की पहली पाली सुबह 10 बजे से शुरू हुई थी। इस परीक्षा में प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक भर्ती के इच्छुक अभ्यर्थी शामिल हुए हैं। पहली पाली में 10 लाख से ज्यादा परीक्षार्थी शामिल हुए हैं। नकल रोकने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने पूरी तैयारी की थी। साथ ही जिला प्रशासन ने भी मुस्तैदी दिखाई थी। यही वजह है कि गाजीपुर में पेपर आउट होने से पहले ही आरोपियों को पकड़ लिया गया है। इस परीक्षा में किसी भी तरह के इलेक्ट्रानिक गजट के ले जाने पर पाबंदी है।