घोड़ाडोंगरी और सारणी के बीच रेलवे ट्रैक पर बन रहा तौल काटा गया

कोल हैंडलिंग प्लांट पहुंचने से 15 किलोमीटर दूर अब कोयले की रैक का वजन होगा।ऐसी व्यवस्था मप्र पॉवर जनरेटिंग कंपनी द्वारा की जा रही है। इस व्यवस्था के लिए फिलहाल रानीपुर जोड़ के पास रेलवे ट्रेक पर 140 टन भार क्षमता का तौल कांटा बनाया जा रहा है। जिसमें डेढ़ माह का वक्त लगना बताया जा रहा है। 
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अब तक कोल हैंडलिंग प्लांट में कोयले की रैक का वजन होता था।जिसके चलते कई बार वैगनें बाहर तक खड़ी रहती थी। चार नंबर तक सीधे लोडनहीं जाता था, लेकिन नई व्यवस्था यानी की 15 किलोमीटर दूर रैक का तौल होने से सीधे चार नंबर तक लोडपहुंच सकेगा और वैगनें सीएचपी के बाहर भी खड़ी नहीं होगी।

अब तक 17 नंबर ट्रेक पर लोडले जाने के बाद मूवमेंट कर 4 नंबर तक पहुंचाया जाता था। इसी के चलते कोयले से भरी वैगनें लुढ़ककर घोड़ाडोंगरी तक जा पहुंची थी। बताया जा रहा है कि इस नई व्यवस्था के लिए 16 जनवरी से 24 घंटे का ब्लाक रेलवे से लिया गया है।इस दौरान पॉवर हाउस सारनी में कोयले की रैक नहीं पहुंची।