महिला ने खुद को बताया इंग्लैंड का निवासी, पता करने पर निकली नाइजीरियन और फिर...

अरनोद थाना क्षेत्र के कोटड़ी निवासी एक सरकारी शिक्षक से फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर दोस्ती करने और करीब पांच लाख ९८ हजार रुपए की ठगी करने वाली विदेशी महिला को मध्यप्रदेश के भोपाल सेंट्रल जेल से गिरफ्तार किया है। उससे पुलिस की ओर से पूछताछ की जा रही है। फेसबुक पर महिला ने इंग्लैंड की किसी महिला का फोटो लगा रखा था, जबकि वह नाजीरिया की थी। पुलिस को जानकारी मिली कि ऐसी ही ठगी करने का एक गिरोह इंदौर में पकड़ा है। इंदौर पुलिस ने जानकारी दी कि नाइजीरिया की महिला विवियन अघोलर को गिरफ्तार किया है। वह भोपाल जेल में बंद है। इस पर पुलिस ने उसे प्रोडक्शन वारंट के तहत गिरफ्तार किया है। 
अरनोद पुलिस ने बताया कि कोटड़ी निवासी एक सरकारी शिक्षक ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उसकी फेसबुक पर एक विदेशी महिला ने दोस्ती की और कहा कि वह भारत घूमने के लिए आ रही है। वह इंग्लैंड से उसके लिए गिफ्ट पैक लेकर आ रही है। इसके बाद 6 दिसंबर 2016 को शिक्षक के पास एक कॉल आया कि वह कस्टम विभाग से बोल रहा है। विदेशी महिला को महंगे गिफ्ट के साथ पकड़ा है। कस्टम ड्यूटी 25 हजार रुपए देने पर ही रिलीज किया जाएगा। इस पर पेटीएम के माध्यम से शिक्षक ने 25 हजार रुपए जमा कराए। फिर फोन आया कि नोटबंदी चल रही है। 

ऐसे में इंगलिश पाउंड राशि रिलीज नहीं होगी। इसके लिए नई वजह बताकर 8 दिसंबर को 50 हजार, 14 दिसंबर को 50 हजार, 16 को 45 हजार, 21 को 8 0 हजार, 42 हजार, 28 को 15 हजार, 29 को 8 5 हजार रुपए कुल मिलाकर चार लाख 42 हजार रुपए जमा कराए। इसके बाद उक्त विदेशी महिला फोन बंद हो गया। तब जाकर शिक्षक के समझ में आया कि वह ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गया है। इसके बाद मार्च 2019 में यह आईडी फिर से चालू हुई। इस पर शिक्षक ने फेसबुक पर उलाहना दिया कि उसे अब तक चार लाख 42 हजार रुपए का चूना लगाया है। इस पर महिला रुपए लौटाने को तैयार हो गई। इसके लिए एक वाट्सअप नंबर भी दिया। 

महिला ने कहा कि उसने ऑफिस से दो लाख 50 हजार पोंड का लोन लिया है। रुपए वापस करने के लिए बैंक में खाता खुलवाया है। इसके लिए शिक्षक को आवश्यक दस्तावेज और एक फार्म भरकर मंगवाया। इसके लिए भारत में उसके बैंक खाते में रुपए ट्रांसफर कर क्लिक कर टीएसी कोड मांगा। इसके लिए अकाउंट ऑफिसर से सम्पर्क किया। उसने बताया कि टैक्स कोड के लिए दो लाख 6 1 हजार रुपए जमा कराने होंगे। शिक्षक ने 7 मई 2019 को तीन खातों में कुल एक लाख 56 हजार 7 सौ रुपए जमा कराए। इसके बाद से फिर सम्पर्क कट गया। तब जाकर शिक्षक ने समझा कि उसके साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी हुई है। इस संबंध में अरनोद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।